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छत्तीसगढ़

जन-धन योजना से बदली देश की तस्वीरः नड्डा

रायपुर, 04 जून

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केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि जन-धन योजना ने देश की तस्वीर बदल दी है। वर्षों से गरीबों का बैंक खाता नहीं था। हमने बैंकों में जीरो बैलेस पर खाते खुलवाए। अब सरकारी योजनाओं के अंतर्गत जनता को सीधे उनके खाते में राशि भेजी जा रही है। इससे भ्रष्टाचार में काफी हद तक कमी आई है।
नड्डा ने सोमवार को रायपुर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मोदी सरकार के चार वर्ष की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि साफ नीयत और सही विकास प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है। उन्होंने कहा कि घरेलू सिलेंडर देकर सरकार ने जनता को राहत दी है। पहले कमर्शियल सिलेंडर को भी सब्सिडी दी जा रही थी, लेकिन अब डीबीटी के जरिए जनता को सब्सिडी की राशि सीधे उनके खाते में भेजी जा रही है। यानी जनता का पैसा सीधे जनता के पास जा रहा है, बिचौलिए खत्म हो गए हैं।
कृषि व किसानों के मुद्दे पर नड्डा ने कहा कि 4 साल में काफी कुछ काम हुआ है। मंडी डिजिटल हुई हैं जहां से सब जानकारी सीधे मिल रही है। यह डिजिटल इंडिया का उदहारण है। युवा शक्ति को जोड़ने के लिए सरकार काम कर रही है। ट्रेनिग सेंटर खोले जा रहे हैं। हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए मैटर्निटी बेनिफिट पर काम किया। रोटावायरस को लेकर काम किया। बच्चों की सेहत में बेहतर सुधार की दिशा में काम किया। इसी का असर है कि आज भारत स्वस्थ भारत के रूप में सामने आ रहा है। वेलनेस सेंटर में पांच तरह की जांच की सुविधा होगी। इसके लिए डेढ़ लाख सेंटर हैं। हेल्थ केयर का जो काम कर रहे हैं इसमें बीमा के जरिए उन्हें लाभ होगा। गरीबों को कम रेट में दवा देने का काम मोदी सरकार ने किया है। इसका लाभ अब सीधे गरीब तबके के लोगों को मिल रहा है।
नड्डा ने कहा कि देश में 25 नए एयरपोर्ट खोले गए। हवाई चप्पल पहनने वालों ने भी हवाई सफर किया। आज देश में हवाई सफर आम आदमी के लिए सस्ता और सुलभ हो रहा है। इनकम टैक्स पर नड्डा ने कहा कि आज देश में इनकम टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ी है। यह एक बड़ा परिवर्तन है। इससे कहा जा सकता है कि साफ नीयत व सही विकास। यह ट्रांसफर्मिंग इंडिया का बड़ा उदाहरण है। सरकार ने लोगों को जागरूक किया। जहां कड़ाई की जरूरत पड़ी वहां सख्ती भी बरती गई। वर्तमान में आयकर दाताओं की संख्या बढ़ने से देश का राजस्व भी बढ़ा है।
केंद्रीय मंत्री ने निपाह वायरस से फैल रही बीमारी से संबंधित सवालों के जवाब में कहा कि केरल के कुछ जिलों में फैले निपाह वायरस को लेकर केन्द्र सरकार पूरी तरह गंभीर है। इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। प्रो एक्टिव एक्शन लिया गया है। इसका असर 15 मिनट के भीतर हो सकता है। जैसे ही इसके संबंध में शुरुआती जानकारी मिली केंद्र की टीम जल्द पहुंच गई और राज्य के साथ मिलकर काम किया। सोर्स पता करके यह कहां-कहां जा सकता है उन सब पर कंट्रोल किया गया है। इसके नियंत्रण में देश के टॉप साइंटिस्ट का भी सहयोग मिला।

चौथा खंभा न्यूज़ .com / नसीब सैनी/अभिषेक मेहरा

 

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सीआरपीएफ जवानों ने हथियार की जगह थामा झाडू, दिया स्वच्छता का संदेश

—सीआरपीएफ की दूसरी बटालियन ने स्कूल परिसर एवं जिला पशु चिकित्सालय सहित सड़क के किनारों पर फैले कचरे एवं गंदगी की साफ-सफाई की

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सुकमा,(नसीब सैनी)।

नक्‍सल प्रभाव‍ित ज‍िले में तैनात सीआरपीएफ दूसरी बटालियन ने लोगों को अपने घरों एवं आस-पास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चालकर लोगों को प्रेरित किया। 

जिले में तैनात सीआरपीएफ जवान नक्सलियों से लोहा लेने के साथ सामाजिक सरोकार से जुड़े दायित्वों के निर्वहन करने में भी तत्पर रहते हैं। स्वच्छता पखवाड़ा अभियान 2 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक चलाया जा रहा है। इसी के चलते शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित सीआरपीएफ सेकेंड बटालियन के जवानों एवं अधिकारियों के हाथों में हथियार की जगह झाड़ू थामकर स्वच्छता अभियान चलाया गया। 

सीआरपीएफ की दूसरी बटालियन ने स्कूल परिसर एवं जिला पशु चिकित्सालय सहित सड़क के किनारों पर फैले कचरे एवं गंदगी की साफ-सफाई की। स्वच्छता अभियान के तहत लोगों को अपने आस-पास स्वच्छ रखने के साथ सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए भी प्रेरित किया। जवान एक घंटे से अधिक समय तक सफाई अभियान में जुटे रहे। इस दौरान सीआरपीएफ सेकेंड बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी अशोक कुमार सिंह, नवीन राणा, डिप्टी कमाडेंट संजीव कुमार, सहित सीआरपीएफ के जवान मौजूद रहे।

नसीब सैनी

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प्लास्टिक बंद होते ही इको फ्रेंडली कम्पोस्टेबल बैग्स बनी विकल्प  

—यह ऐसा बैग है जिसे जमीन पर फेंकने के 90 से 180 दिनों के भीतर मिट्टी के संपर्क में आकर वह खाद के रूप में तब्दील हो जाता है

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सूरजपुर,(नसीब सैनी)।

प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध के साथ लोगो को इस मुहिम में सहभागी बनाकर सार्थक पहल के लिए विविध आयोजन किया जा रहा है। जिले के नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे नो प्लास्टिक अभियान तथा कागज और कपड़े के बैग के उपयोग के प्रति जागरूकता के लिए इको फ्रेंडली कम्पोस्टेबल बैग्स की उपलब्धता भी हर बड़े-छोटे व्यवसायिक संस्थानों पर सहजता से उपलब्धता के लिए सूरजपुर जिला प्रशासन और व्यापारियों के संयुक्त प्रयास से जिले में संभव हो सका है।

यह ऐसा बैग है जिसे जमीन पर फेंकने के 90 से 180 दिनों के भीतर मिट्टी के संपर्क में आकर वह खाद के रूप में तब्दील हो जाता है। जो भूमि के लिए भी लाभकारी साबित होगा। इको फ्रेंडली कम्पोस्टेबल बैग्स की बाजारों में उपलब्धता और कपड़े व कागज से निर्मित बैग्स वितरित करते हुए लोगों जागरूक किया जा रहा है।

पर्यावरण की दृष्टि से इसे काफी उपयोगी माना जा रहा है। भारत सरकार के वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के अंतर्गत निर्मित हो रहे इन बैग्स को सेन्ट्रल पॉल्युशन कंट्रोल और स्टेट पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड ने एनओसी प्रदान करने के साथ सेन्ट्रल इंस्टीट्यूट आफ प्लास्टिक एंड टेक्नालाॅजी (सीपेट) ने भी पर्यावरण के लिहाज से उपयोगी होने पर मुहर लगाई है।

नसीब सैनी

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एससी-एसटी एक्ट में तुरंत होगी गिरफ्तारी, दो जजों की बेंच का फैसला निरस्त

—सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने अपने फैसले में माना था कि एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी से कई बार बेकसूरों को जेल जाना पड़ता है

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नई दिल्ली,(नसीब सैनी)।

सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने एससी-एसटी एक्ट में गिरफ्तारी के प्रावधानों को हल्का करने के पिछले साल दिये गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मामले में दो जजों की बेंच के फैसले को निरस्त कर दिया है। पिछले साल दो जजों की बेंच ने अपने फैसले में माना था कि एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी की व्यवस्था के चलते कई बार बेकसूर लोगों को जेल जाना पड़ता है। कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इसके खिलाफ सरकार ने पुनर्विचार अर्जी दायर की थी। कोर्ट ने पिछले 18 सितम्बर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पिछले साल दिए इस फैसले में कोर्ट ने माना था कि एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी की व्यवस्था के चलते कई बार बेकसूर लोगों को जेल जाना पड़ता है। कोर्ट ने फैसले में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। बाद में केंद्र सरकार ने रद्द किए गए प्रावधानों को दोबारा जोड़ दिया था।
पिछले 24 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट में सरकार की ओर से किये गए बदलाव के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार की ओर से किये गए संशोधन पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में एससी-एसटी एक्ट के मामलों में तुरंत गिरफ्तारी के प्रावधान का विरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी लेकिन सरकार ने बदलाव कर रद्द किए गए प्रावधानों को फिर से जोड़ दिया।

नसीब सैनी

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