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छत्तीसगढ़

नोटबंदी की सीएम रमन सिंह ने की तारीफ, कहा-मजबूत हुई हमारी अर्थव्यवस्था

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने रविवार को कहा कि नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
रमन सिंह ने अपने निवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देशव्यापी काला धन विरोधी दिवस छत्तीसगढ़ में भी छह से नौ नवंबर तक मनाया जाएगा। इस मौके पर उनके साथ सांसद (रायपुर) रमेश बैस और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार ने कालेधन की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के कार्य किए हैं। नोटबंदी का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। एफडीआई को बढ़ावा मिला है। आर्थिक सशक्तिकरण में हम आगे बढ़े हैं। केंद्र सरकार के प्रयासों से बिचौलियों पर लगाम कसा है। मोबाइल बैंकिंग के खातेदारों की संख्या बढ़ी है। नोटबंदी से नक्सलियों और आतंकवादियों की आर्थिक कमर टूटी है।”

उन्होंने कहा, “नोटबंदी के बाद बैंकिंग प्रणाली में जमा राशि में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। बैंकों में आए अतिरिक्त धन के कारण ब्याज दरों में 100 आधार अंकों की कटौती की गई। डिजिटल भुगतान में 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नोटबंदी के बाद 18 लाख संदिग्ध खातों की जांच की गई। सरकार को इस दौरान चार लाख 73 हजार संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। 29 हजार 213 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है। 1.25 लाख करोड़ रुपये के कालेधन का पता चला है।”

मुंख्यमंत्री ने कहा, “बाजार में कैश सर्कुलेशन 21 प्रतिशत घटा। इस दौरान 400 से अधिक बेनामी संपत्ति की पहचान की गई और 800 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति जब्त की गई। करदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ, 56 लाख नए करदाता जुड़े। रिटर्न भरने वालों की संख्या में 24.7 प्रतिशत वृद्धि हुई। नोटबंदी के बाद एक करोड़ से अधिक श्रमिकों को ईपीएफ और ईएसआईसी प्रणाली से जोड़ा गया। 50 लाख से अधिक श्रमिकों का बैंक खाता खुला, जिससे उनका पारिश्रमिक सीधे उनके खातों में जमा हो रहा है।”

उन्होंने कहा, “2.89 लाख करोड़ रुपये के कैश डिपॉजिट की जांच की जा रही है। नोटबंदी के बाद 16 हजार करोड़ रुपये का कालाधन अब भी बाहर है, जिसे लाने का प्रयास केंद्र सरकार कर रही है। तीन लाख से अधिक शेल कंपनियों पर नजर रखी जा रही है, 2.1 लाख का पंजीयन रद्द हुआ और कालाधन-हवाला के लेनदेन को छुपाने में शामिल 37 हजार शेल कंपनियों की पहचान की गई है।”

आईएएनएस

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प्लास्टिक बंद होते ही इको फ्रेंडली कम्पोस्टेबल बैग्स बनी विकल्प  

—यह ऐसा बैग है जिसे जमीन पर फेंकने के 90 से 180 दिनों के भीतर मिट्टी के संपर्क में आकर वह खाद के रूप में तब्दील हो जाता है

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सूरजपुर,(नसीब सैनी)।

प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध के साथ लोगो को इस मुहिम में सहभागी बनाकर सार्थक पहल के लिए विविध आयोजन किया जा रहा है। जिले के नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे नो प्लास्टिक अभियान तथा कागज और कपड़े के बैग के उपयोग के प्रति जागरूकता के लिए इको फ्रेंडली कम्पोस्टेबल बैग्स की उपलब्धता भी हर बड़े-छोटे व्यवसायिक संस्थानों पर सहजता से उपलब्धता के लिए सूरजपुर जिला प्रशासन और व्यापारियों के संयुक्त प्रयास से जिले में संभव हो सका है।

यह ऐसा बैग है जिसे जमीन पर फेंकने के 90 से 180 दिनों के भीतर मिट्टी के संपर्क में आकर वह खाद के रूप में तब्दील हो जाता है। जो भूमि के लिए भी लाभकारी साबित होगा। इको फ्रेंडली कम्पोस्टेबल बैग्स की बाजारों में उपलब्धता और कपड़े व कागज से निर्मित बैग्स वितरित करते हुए लोगों जागरूक किया जा रहा है।

पर्यावरण की दृष्टि से इसे काफी उपयोगी माना जा रहा है। भारत सरकार के वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के अंतर्गत निर्मित हो रहे इन बैग्स को सेन्ट्रल पॉल्युशन कंट्रोल और स्टेट पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड ने एनओसी प्रदान करने के साथ सेन्ट्रल इंस्टीट्यूट आफ प्लास्टिक एंड टेक्नालाॅजी (सीपेट) ने भी पर्यावरण के लिहाज से उपयोगी होने पर मुहर लगाई है।

नसीब सैनी

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एससी-एसटी एक्ट में तुरंत होगी गिरफ्तारी, दो जजों की बेंच का फैसला निरस्त

—सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने अपने फैसले में माना था कि एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी से कई बार बेकसूरों को जेल जाना पड़ता है

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नई दिल्ली,(नसीब सैनी)।

सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने एससी-एसटी एक्ट में गिरफ्तारी के प्रावधानों को हल्का करने के पिछले साल दिये गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मामले में दो जजों की बेंच के फैसले को निरस्त कर दिया है। पिछले साल दो जजों की बेंच ने अपने फैसले में माना था कि एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी की व्यवस्था के चलते कई बार बेकसूर लोगों को जेल जाना पड़ता है। कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इसके खिलाफ सरकार ने पुनर्विचार अर्जी दायर की थी। कोर्ट ने पिछले 18 सितम्बर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पिछले साल दिए इस फैसले में कोर्ट ने माना था कि एससी-एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी की व्यवस्था के चलते कई बार बेकसूर लोगों को जेल जाना पड़ता है। कोर्ट ने फैसले में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। बाद में केंद्र सरकार ने रद्द किए गए प्रावधानों को दोबारा जोड़ दिया था।
पिछले 24 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट में सरकार की ओर से किये गए बदलाव के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार की ओर से किये गए संशोधन पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में एससी-एसटी एक्ट के मामलों में तुरंत गिरफ्तारी के प्रावधान का विरोध किया गया है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी लेकिन सरकार ने बदलाव कर रद्द किए गए प्रावधानों को फिर से जोड़ दिया।

नसीब सैनी

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नक्सलियों ने आरएसएस कार्यकर्ता को मारी गोली, मौत

—जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के विरोध में की गयी हत्या

जगदलपुर,(नसीब सैनी)।

कांकेर जिले के दुर्गकोन्दुल थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात नक्सलियों ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध में आरएसएस कार्यकर्ता दादूसिंह कोरेटिया की कुल्हाड़ी व गोली मारकर हत्या कर दी। नक्सलियों ने घटनास्थल पर भारी मात्रा में पर्चे फेंककर अनुच्छेद 370 को हटाने के विरोध में 30 अगस्त को भारत बंद का आह्वान भी किया है।नक्सलियों ने परचों में लिखा है दादू सिंह आरएसएस के सक्रिय प्रचारक थे। भाजपा-आरएसएस ब्राह्मण हिन्दू फासीवाद संगठन है। आरएसएस की गतिविधियां आदिवासी दलित विरोधी हैं, जो आदिवासी मूल निवासियों के अस्तित्व के लिए खतरा बन गई है। आजादी व जनवादी लोकतंत्र को मांगने वालों का आरएसएस-भाजपा विरोध करती रही है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संस्थानिक अधिकारों को खत्म किया जा रहा है।

आरएसएस-भाजपा ने तानाशाही, हिटलरशाही व्यवहार करते हुए कश्मीर की जनता को बंदी बनाकर, उन्हें मिले संवैधानिक अधिकारों को खत्म कर अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म कर दिया।दादू सिंह ऐसे संगठन से जुड़कर क्षेत्र में अपनी गतिविधियां चला रहा था। कुछ गुंडे लोगों की मदद से जनता को डरा- धमका कर आदिवासी विरोधी, जन विरोधी, पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उसकी हत्या की गयी। पर्चे में उल्लेख है कि आरएसएस-भाजपा व हिंदू संगठन के नेता व सक्रिय कार्यकर्ताओं को हमारी चेतावनी है कि ऐसे संगठन और गतिविधियों से दूर रहें। अभी तक जो गलतियां की हैं, उसके लिए जनता से माफी मांगें। उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी भाकपा माओवादियों ने, ये पर्चा दादूसिंह कोरेटिया के घर के चारों ओर फेंका है। नक्सलियों ने भारी संख्या में पोस्टर चस्पा कर 30 अगस्त को कश्मीरी अवाम के लिए भारत बंद का आह्वान किया है। साथ ही अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध किया है।

नसीब सैनी

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