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रिकॉर्ड सातवीं बार आईपीएल के फ़ाइनल में चेन्नई

रिकॉर्ड सातवीं बार आईपीएल के फ़ाइनल में चेन्नई

डुप्लेसिस एक छोर पर डटे रहे और नाबाद 67 रन बनाए

आईपीएल में मंगलवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए पहले क्वॉलिफ़ायर मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स ने सनराइज़र्स हैदराबाद को पांच गेंदे शेष रहते हुए दो विकेट से हरा दिया.

इस जीत के साथ ही चेन्नई सुपरकिंग्स सातवीं बार आईपीएल के फ़ाइनल में जगह बनाने में कामयाब हो गई है.

चेन्नई को फ़ाइनल में पहुंचाने में मैन ऑफ़ द मैच फ़ाफ़ डुप्लेसिस की भूमिका रही जिन्होंने 42 गेंदों में नाबाद 67 रन बनाए. वह मैच की शुरुआत में बल्लेबाज़ी करने आए और अंत में टीम को जीत दिलाकर लौटे.

चेन्नई सुपरकिंग्स का अब मुक़ाबला फ़ाइनल में रविवार को क्वॉलिफ़ायर-टू के विजेता से होगा.

इससे पहले चेन्नई ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला लिया था और सनराइज़र्स हैदराबाद ने सात विकेट के नुकसान पर 139 रन बनाए थे.

हैदराबाद का कोई भी बल्लेबाज़ कुछ कमाल नहीं दिखा पाया लेकिन सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने उतरे कार्लोस ब्रेथवेट ने 29 गेंदों में नाबाद 43 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने चार छक्के और एक चौका जड़ा.

धोनीचेन्नई सुपरकिंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का लिया फ़ैसला

अच्छी नहीं रही शुरुआत

इसके जवाब में जब चेन्नई सुपरकिंग्स बल्लेबाज़ी करने उतरी तो उसकी शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही.

पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही हैदराबाद के गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार ने शेन वॉटसन को शून्य पर कैच आउट करा दिया. उनकी जगह बल्लेबाज़ी करने आए सुरेश रैना ने दूसरे ओवर में लगातार तीन चौके लगाकर क्रीज़ पर जमने की कोशिश की लेकिन चौथे ओवर की तीसरी गेंद पर सिद्धार्थ कौल ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर दिया.

एक तरफ़ डुप्लेसिस जमे रहे लेकिन दूसरी ओर टीम के विकेट गिरते रहे. अंबाती रायडू भी पहली गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए. महेंद्र सिंह धोनी को भी नौ रन पर राशिद ख़ान ने चलता किया.

इसके बाद भी कोई बल्लेबाज़ कोई ख़ास रन नहीं बना पाया लेकिन चेन्नई को जीत का तोहफ़ा डुप्लेसिस ने दिया.

उन्होंने छक्का मारकर टीम को जीत दिलाई. इस पारी के दौरान डुप्लेसिस ने पांच चौके और चार छक्के जड़े.

चौथा खंभा न्यूज़ .com / नसीब सैनी/अभिषेक मेहरा

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कल से शुरू होगा गांव बाबा लदाना में 3 दिवसीय मेला, मेले को लेकर डेरे की तैयारियां पूरी

कल से शुरू होगा गांव बाबा लदाना में 3 दिवसीय मेला, मेले को लेकर डेरे की तैयारियां पूरी

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ब्यूरो चौथा खंभा न्यूज़ कैथल। गांव बाबा लदाना स्थित डेरा बाबा राजपुरी पर 3 दिवसीय मेला शुक्रवार से लगेगा। रावण दहन के बाद मेले में श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो जाएंगे। दो साल बाद बाबा राजपुरी पर लगने वाले मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। कोरोना संक्रमण के कारण बीते वर्ष इतिहास में पहली बार बाबा राजपुरी पर मेला नहीं लग पाया था। इस बार भी कोरोना संक्रमण के कारण मेले की कोई अधिकारिक घोषणा नहीं है, लेकिन डेरे के प्रति लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने की उम्मीद है। इसी को देखते हुए तैयारियां भी शुरू हो गई है। मंदिर को लाइटों से सजाया गया है। मेले के लिए झूले लग चुके हैं। इस बार डेरे की ओर से ही भंडारा लगाया जाएगा। भंडारे के लिए देसी घी के लड्डू तैयार किए जा रहे हैं।

रावण दहन के बाद शुरू होता है मेला

डेरा बाबा राजपुरी पर 3 दिवसीय मेले की शुरुआत दशहरे से होती है। रावण दहन के बाद श्रद्धालु मेले में पहुंचना शुरू होते हैं। विजयदशमी, एकादशी व द्वादशी पर डेरे में मेला लगता है। यहां प्रदेशभर के अलावा पंजाब, राजस्थान, यूपी, गुजरात, छत्तीसगढ़ व केरल से भी श्रद्धालु पूजा पाठ के लिए पहुंचते हैं। डेरे में पशुओं की सुख समृद्धि के लिए पूजा की जाती है। श्रद्धालु दूध व घी का दान करते हैं और काफी श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने पर पशुओं को भी दान स्वरूप देकर जाते हैं।

तालाब की सफाई करते सफाईकर्मी

3 दिवसीय मेले पर इस बार बाबा राजपुरी डेरे की ओर से ही भंडारा लगाया जा रहा है। जोकि तीन दिन तक चलेगा। इससे पहले श्रद्धालुओं की ओर से ही भंडारा लगाया जाता था संक्रमण को देखते हुए सेनिटाइज की व्यवस्था मंदिर की ओर से की जाएगी।

डेरे में लगी स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस की तस्वीर

स्वामी विवेकानंद से जुड़ा है इतिहास

डेरा बाबा राजपुरी का इतिहास काफी गौरवमयी है। विश्व में प्रसिद्धि हासिल करने वाले आध्यात्मिक गुरु रामकृष्ण परमहंस के गुरु तोतापुरी इसी डेरे के 7वें महंत थे। रामकृष्ण परमहंस ही स्वामी विवेकानंद के गुरु हैं। वर्तमान में बाबा दूजपुरी डेरा के महंत हैं। महंत दूजपुरी ने बताया कि बाबा राजपुरी के देशभर में 365 धुणे हैं। गांव लदाना में बाबा राजपुरी का जन्म 1690 में हुआ था। जिन्होंने करीब 8 वर्ष की उम्र में ही गांव बात्ता जाकर चोला धारण कर लिया और संत सरस्वती पुरी को अपना गुरु बनाया। बाबा राजपुरी 52 शक्तिपीठ में शामिल माता हिंगलाज को काफी मानते थे। इसके बाद गांव बाबा लदाना में डेरा की स्थापना हुई। आज भी ऐसी मान्यता है कि माता हिंगलाज अष्टमी की रात को डेरे में बने मंदिर में आती है और सैकड़ों साल पुराने जाल के पेड़ पर धागा बांधकर जाती है।

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कोल्डड्रिंक की मामूली उधारी को लेकर चायवाले का मर्डर

Chaiwala murdered over meager borrowing of cold drink

कैथल । कैथल के तलाई बाजार में मामूली उधारी के लिए एक मर्डर हो गया। जानकारी के अनुसार रितेश नामक व्यक्ति तलाई बाजार में चाय की दुकान चलाता था और अपने परिवार का पेट पालता था।

जब उधारी मांगने गया चायवाला रितेश तो टेलर राजू  ने किया झगड़ा व पेट मे मारी कैंची, इलाज के दौरान मौत

पास में ही एक राजू नामक टेलर की दुकान है। जब चायवाला रितेश सोमवार शाम को टेलर राजू से कोल्डड्रिंक के रुपये मांगने गया तो उनकी रुपये को लेकर कुछ आपस मे कहा सुनी हो गई जिसके बाद राजू ने रितेश के पेट मे कपड़ा काटने वाली कैंची मार दी। गंभीर रूप से घायल रितेश को अस्पताल में भर्ती करवाया गया जिसकी इलाज के दौरान कुछ देर बाद मौत हो गई।

कोल्डड्रिंक की मामूली उधारी को लेकर चायवाले का मर्डर

पुलिस ने पहले 307 का पर्चा दर्ज किया था लेकिन रितेश की मौत के बाद 302 का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि रितेश के परिवार में उनकी पत्नी व एक बच्चा है जिनका अकेला सहारा मृतक  रितेश ही था।

पहले धारा 307 के तहत मामला दर्ज हुआ था आम मौत के बाद 302 का मामला दर्ज : सुरेंद्र कुमार, एसएचओ सिटी थाना
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इमरान खान की बंदूक और खूनखराबे की भाषा बर्दाश्त नहीं की जा सकतीःसंयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधि विदिशा मैत्रा

—भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि इमरान खान की परमाणु तबाही की धमकी राजनेता की भाषा नहीं बल्कि असंतुलित मानसिकता वाले व्यक्ति की भाषा है

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न्यूयॉर्क,(नसीब सैनी)।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की राजनयिक विदिशा मैत्रा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के इस विश्व मंच पर दिए गए भाषण का मुंहतोड़ उत्तर देते हुए कहा कि इमरान घृणा से भरी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं जो 21 वीं सदी नहीं बल्कि मध्ययुग की मानसिकता को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन में प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए कहा कि शुक्रवार को इमरान खान का घृणा से भरा भाषण विश्व संस्था का दुरुपयोग है । कूटनीति में एक-एक शब्द का अर्थ होता है। इमरान की भाषा इससे एकदम परे रही।

उन्होंने कहा कि  इमरान ने नरसंहार, खूनखराबा, नस्ली दंभ, हथियार उठाने और मरते दम तक लड़ने जैसे शब्दों का  प्रयोग किया जो कबायली कस्बे दर्रा आदम खेल में प्रचलित  बंदूक की भाषा है। ऐसा इस विश्व संस्था  में शायद ही पहले कभी  हुआ हो। भारतीय राजनयिक ने कहा कि एक व्यक्ति जो कभी सज्जनों  का खेल कहे जाने वाले क्रिकेट से जुड़ा रहा हो वह भोंडी भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। 

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि इमरान खान की परमाणु तबाही की धमकी राजनेता की भाषा नहीं बल्कि असंतुलित मानसिकता वाले व्यक्ति की भाषा है। पाकिस्तान में आतंकवाद का पूरा उद्योग फल फूल रहा है और इस पर उसका एकाधिकार जैसा है। इमरान खान पूरी निर्लज्जता से इसकी वकालत कर रहे हैं। 

मैत्रा  ने कहा कि इमरान खान की पूरी भाषा विभाजन पैदा करने वाली है। वह अमीर बनाम गरीब, उत्तर बनाम दक्षिण, विकसित बनाम विकासशील और मुस्लिम बनाम अन्य धर्मावलंबी की विभाजनकारी भाषा का इस्तेमाल विश्व संस्था में कर रहे हैं। यह घृणा फैलाने वाला भाषण (हेट स्पीच) है। 

मैत्रा ने कश्मीरियों की हिमायत में बोलने के पाकिस्तान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों को किसी वकील की जरूरत नहीं है। खास ऐसे लोग उनकी ओर से नहीं बोल सकते जो आतंकवाद का उद्योग चला रहे हैं और घृणा की विचारधारा में विश्वास रखते हैं। 

उन्होंने कहा कि अब जब कि इमरान खान ने उग्रवादी संगठनों की उनके देश में गैरमौजूदगी की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक भेजने की पेशकश की है, अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को यह दवाब बनाना चाहिए कि वह अपनी बात पर कायम रहें। 

भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान की पेशकश के संदर्भ में  उसके नेताओं से अनेक सवाल पूछे। उन्होंने पूछा,  क्या यह सही नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 130 आतंकवादी और 25 आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में पनाह लिए हुए हैं। क्या पाकिस्तान यह स्वीकार करेगा कि वह दुनिया में एकलौता ऐसा देश है जो आतंकवादी संगठनों अल कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादी  को पेंशन देता है। क्या पाकिस्तान इस बात पर सफाई देगा  कि न्यूयॉर्क स्थित पाकिस्तान के हबीब बैंक पर इसलिए ताला  पड़ गया था कि वह आतंकवादियों को धन मुहैया करता था और  उस पर भारी  जुर्माना हुआ था। क्या पाकिस्तान इस बात से इंकार कर सकता है कि आतंकवादियों को धन मुहैया कराये जाने से रोकने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ने 27 में से 20 मानकों में पाकिस्तान को उल्लंघन करने वाला देश माना है। क्या इमरान खान इस बात से इंकार करेंगे कि वह ओसामा बिन लादेन की खुलकर हिमायत करते रहे हैं। 

भारतीय प्रधिनिधि मैत्रा ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने आतंकवाद और घृणा से भरे भाषण को मुख्यधारा बना दिया है और वह मानवाधिकारों का झूठा कार्ड खेल रहे हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की दुर्दशा का ब्योरा देते हुए मैत्रा  ने कहा कि विभाजन  के समय पाकिस्तान में अल्पसंख्यों की आबादी 23 प्रतिशत थी जो अब घट कर तीन प्रतिशत हो गई है। ईसाइयों, सिखों, अहमदिया लोगों, शियाओं, पश्तूनों, सिंधियों और बलूचियों के खिलाफ ईशनिंदा कानून  के तहत जुल्म किया जा रहा है तथा योजनाबद्ध उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन का सिलसिला जारी है।

विदिशा मैत्रा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पूरा नाम  ‘इमरान खान नियाजी’ लेते हुए उन्हें बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में पाकिस्तान के  जुल्मी सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एए खान नियाजी के कारनामों की याद दिलाई।  उन्होंने कहा कि संगठित नरसंहार किसी जीवंत लोकतंत्र में नहीं होते। अपनी याद्दाश्त ताजा करिये और वर्ष 1971 में पूर्व पाकिस्तान में जनरल नियाजी द्वारा किये गए नृशंस नरसंहार को मत भूलिए। 

भारतीय प्रतिनिधि ने इस संदर्भ में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए संबोधन की चर्चा की। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के संबंध में पाकिस्तान की जहरीली प्रतिक्रिया  को खारिज करते हुए मैत्रा  ने कहा कि यह एक कालबाह्य और अस्थाई प्रावधान  था जो राज्य के विकास और शेष भारत के साथ उसके एकीकरण में बाधक था। इस अनुच्छेद को हटाए जाने का विरोध इसलिए किया जा रहा है क्योंकि संघर्ष पर फलने-फूलने वाले लोग शांति की किरण को कभी  बर्दाश्त नहीं करते। 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाने और घृणा का वातावरण पैदा  करने का मंसूबा बना रहा है जबकि भारत वहां विकास की गंगा बहाना चाहता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत की जीवंत और समृद्ध लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बनाया जा रहा है।  यह लोकतंत्र विविधता, सहिष्णुता और बहुलवाद की सदियों पुरानी विरासत पर आधारित है। 

नसीब सैनी

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