Connect with us

Top News

वनों की सुरक्षा पर स्थानीय लोगों को दिए जाएं इन्सेंटिवः उपराष्ट्रपति

Published

on

देहरादून, 25 अप्रैल
देहरादून राज्य वनों के संरक्षण और संवर्द्धन में अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए, उन्हें इन्सेंटिव दिया जाना चाहिए। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून के दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए उप राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडु ने कहा कि वनों को बचाए रखने के लिए स्थानीय लोगों को, पंचायतों तथा स्थानीय निकायों को इन्सेंटिव दिया जाय, उनको ऑपरेशनल राइट्स दिए जाएं। इससे राज्यों को, लोगों को ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
बुधवार को उप राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडु, राज्यपाल डॉ.कृष्णकान्त पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने बुधवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून में भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों(प्रोबेशनर्स) के दीक्षान्त समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस मौके पर उप राष्ट्रपति ने कहा कि अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए वनों को बचाना जरूरी है। प्रशिक्षु अधिकारियों कों कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा की वन संरक्षण सहित हर राष्ट्रीय कार्यक्रम को जनांदोलन का रूप देना जरूरी है। समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का उत्थान पहले होना चाहिए। फॉरेस्ट का अर्थ है ‘‘फार फ्रॉम रेस्ट’, वन अधिकारियों को चाहिए कि लोगों के साथ जुड़कर जनसेवा करे। उन्होंने कहा कि सतत वैज्ञानिक उपायों से एकीकृत ईकोसिस्टम को बनाए रखना और उसको मजबूत बनाना जरूरी है। वन सेवा एक चुनौती पूर्ण कार्य है। वन सम्पदा को बचाने में कई फॉरेस्ट अधिकारियों ने प्राणों का बलिदान तक दिया है। वनाधिकारियों को वनों में निवास करने वाले आदिवासी समुदायों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्हें सहायता दें, प्रशिक्षित करें और उनके सर्वांगींण विकास में सहायक हों। मानव वन्य जीव संघर्ष (मैन ऐनिमल कान्फ्लिक्ट) के निवारण के लिए भी ठोस उपाय किए जाएं। उप राष्ट्रपति ने भारतीय वन सेवा वर्ष 2016-18 बैच में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित भी किया।

‘ग्रीन एकाउंटिंग’ की अवधारणा अपनाना जरूरीः राज्यपाल
राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल ने भारतीय वन सेवा के प्रोबेशनर अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि एक प्रोफेशनल व प्रशिक्षित फोरेस्टर बदलते पर्यावरण की समस्याओं को समझ सकता है। राज्यपाल ने कहा कि दून घाटी को ‘भारतीय वानिकी का पालना’ कहा जा सकता है। चिपको आंदोलन जिसकी पर्यावरण संरक्षण के मॉडल के तौर पर पूरे विश्व में पहचान है, की शुरूआत हिमालय में हुई थी। राज्यपाल ने कहा कि वन अधिकारियों को वन संरक्षण में गहन तकनीक व समाजार्थिक इनपुट का प्रयोग करना चाहिए। वन संरक्षण में अधिक शोध की भी आवश्यकता है। वन प्रबंधन की आयोजना में बड़े पैमाने पर परिवर्तन किए जाने की आवश्यकता है। बाढ़, सूखा, मृदा उर्वरता में कमी आदि प्राकृतिक आपदाओं के नियंत्रण में वनों की अहम भूमिका है। वन अधिकारियों को वैज्ञानिक ज्ञान के प्रयेाग के साथ स्थानीय लोगों को तकनीकी तौर पर दक्ष करने पर भी ध्यान देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि वनों के कटाव से ग्लोबल ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन की समस्या विकराल होती जा रही है। जिस प्रकार अर्थशास्त्री जीडीपी का मूल्यांकन करते हैं, उसी प्रकार ‘ग्रीन एकाउंटिंग’ की अवधारणा को भी अपनाना चाहिए। यह विशेष तौर पर उत्तराखण्ड जैस पर्वतीय राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
पर्यावरण बचाते हुए, नई तकनीकों को मिले बढ़ावाः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दीक्षांत समारोह में उपाधि पाने वालों को बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन उनकी तपस्या, मेहनत और लगन के फल प्राप्ति का दिन है। यह दिन आईएफएस अधिकारियों को नई जिम्मदारियों से जोड़ने वाला दिन है। वनों का महत्व हमारे लिए दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। उत्तराखंड का 71 प्रतिशत भू भाग वन क्षेत्र है। उत्तराखंड चिपको आन्दोलन की भूमि है। मुख्यमंत्री ने दीक्षांत में पासआउट अधिकारियों से नई तकनीकी और शोध को बढ़ावा देने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि वन सम्पदा हमारे जीवन का आधार है। वनों और मानव जीवन की मूल आवश्यकता में सामंजस्य बनाना एक बड़ी चुनौती है। वनों का अधिक से अधिक लाभ भी हो और उनपर कोई संकट न आए, ये देखना हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी ‘‘ईको सेन्सिटिव जोन’’ का उल्लेख करते हुए कहा की पर्यावरण को बचाते हुए, नई तकनीकों के प्रयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है और समाज को लाभान्वित भी करना है। मुख्यमंत्री ने वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए नयी तकनीकी और उपाय अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष अभी तक बहुत कम वनाग्नि की घटनाए हुई है और सरकारी इंतजाम पूरे किए गए है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं की पूरी रोकथाम के लिए स्थानीय समुदाय, वन विभाग और अन्य सभी कर्णधारों को एक साथ काम करना होगा।
जलवायु परिवर्तन रोकने को वन संरक्षण जरूरीः डॉ. हर्षवर्धन
केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने युवा परिवीक्षार्थियों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी देहरादून में प्रशिक्षण पूर्ण होने पर बधाई दी। उन्होंने वनाश्रित समुदायों को सशक्त बनाने तथा वनों से दीर्घकालीन लाभ प्राप्त करने, ग्रामीणों की आजीविका के स्रोत एवं जलवायु परिवर्तन को रोकने के एक साधन के रूप में वनों को संरक्षित किए जाने के प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि ये युवा अधिकारी राष्ट्र की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।
53 आईएफएस अधिकारियों को मिले डिप्लोमा
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक डॉ. शशि कुमार ने बताया कि वर्तमान 2016-18 व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में 05 उत्तर प्रदेश, 06 बिहार, 03 दिल्ली, 03 पंजाब, 01 पश्चिम बंगला, 07 राजस्थान, 01 मध्य प्रदेश, 06 तमिलनाडु, 02 झारखंड, 04 महाराष्ट्र, 03 कर्नाटक, 04 आन्ध्र प्रदेश, 02 हरियाणा, 04 तेलंगाना, 02 भूटान के विदेशी प्रशिक्षु अधिकारियों समेत कुल 53 आईएफएस परिवीक्षार्थियों को डिप्लोमा प्रदान किया जा रहा है। इन अधिकारियों में से 18 ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हुए ऑनर्स डिप्लोमा प्राप्त किया है। सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी अधिकारियों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के एसोसिएट डिप्लोमा से सम्मानित किया जा रहा है। जिसमें इन्हें फिनलैंड/रूस और स्पेन/इटली की स्पेशल ओवरसीज़ एक्सपोज़र विजिट भी कराई गई हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Top News

अयोध्या प्रकरण: उप्र में शांति बरकरार रहने पर डीजीपी ने साथियों का जताया आभार

—इसी को लेकर पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने मंगलवार को आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके सभी साथियों का आभार जताया

Published

लखनऊ,(नसीब सैनी)।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए हर पल चौकन्ना रहने पर पुलिसकर्मियों की तारीफ की है। 

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया था और अयोध्या सहित सभी संवेदनशील जनपदों और अन्य स्थानों पर पुलिस अधिकारी लगातार मातहतों के साथ मुस्तैदी से जुटे हुए थे। सोशल मीडिया तथा शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी गई। इस वजह ये माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। यहां तक की सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दिन 9 नवम्बर को प्रदेश में एक भी संज्ञेय अपराध नहीं हुआ। पूरे प्रदेश में हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म की एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। ये भी सामने आया कि फैसले के बाद से ही अपराधों में तेजी से कमी आई है। इसी को लेकर पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने मंगलवार को आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके सभी साथियों का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि विगत में संपन्न हुए विभिन्न त्योहारों और अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित निर्णय के आलोक में वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील व चुनौतीपूर्ण था। किंतु, इन परिस्थितियों को चुनौती के रूप में सहर्ष स्वीकार करते हुए आप सभी द्वारा पूरे प्रदेश में शांति, कानून व्यवस्था की ड्यूटी में शत-प्रतिशत योगदान दिया गया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि आपकी कर्तव्यबद्धता की मैं आभारपूर्ण सहृदय सराहना करता हूं। उन्होंने अंत में जय हिन्द लिखते हुए अपनी बात पूरी की।  

पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने अयोध्या प्रकरण के दौरान शांति-व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों को कर्तव्य निष्पादन के लिए सार्वजनिक रूप से विशेष सराहनीय प्रविष्टि देने का भी निर्णय किया है। उनके मुताबिक इस प्रकार सार्वजनिक रूप से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने का कदम पहली बार उठाया गया है। सिपाही से लेकर निरीक्षक तक 35 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिलेगा।

डीजीपी ने सभी एडीजी जोन, एडीजी पीएसी, एडीजी रेलवे, आइजी व डीआइजी रेंज, एसएसपी, एसपी का निर्देश दिए हैं कि दशहरा, चेहल्लुम, दीपावली, बारावफात, कार्तिक पूर्णिमा व अन्य प्रमुख मौकों तथा अयोध्या प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने के अवसर पर शांति-व्यवस्था बनाने में लगे सभी अराजपत्रित पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका में विशेष सराहनीय प्रविष्टि अंकित की जाए।

नसीब सैनी

Continue Reading

Top News

पुंछ में सुरक्षाबलों ने ध्वस्त किया आतंकी ठिकाना, सात आईईडी बरामद

—आतंकियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों का जंगलों में तलाशी अभियान

Published

पुंछ,(नसीब सैनी)।

पुंछ जिले के देहरागली में सांगला के जंगलों में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाकर एक आतंकी ठिकाने को ध्वस्त कर दिया। सुरक्षाबलों ने मौके से सात आईईडी, एक गैस सिलेंडर और वायरलेस सेट बरामद किया है। आतंकियों की धरपकड़ के लिए फिलहाल सुरक्षाबलों ने जंगलों में तलाशी अभियान चला रखा है।

रविवार देर रात कुछ स्थानीय लोगों ने सुरनकोट के ऊंचाई वाले इलाकों में स्थित सांगला के जंगलों में कुछ संदिग्धों को घूमते हुए देखा था। संदिग्ध लोगों को देखे जाने की सूचना मिलने के तुरन्त बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। सोमवार देर रात तक सुरक्षाबलों ने देहरागली के जंगलों में तलाशी अभियान जारी रखा। आज सुबह देहरागली के जंगलों में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान के दौरान एक आतंकी ठिकाना ढूंढ निकाला। आतंकी ठिकाने को ध्वस्त करने के बाद तलाशी लेने पर यहां से सात आईईडी, एक गैस सिलेंडर और वायरलेस सेट बरामद किया गया। इस दौरान किसी भी आतंकी के पकड़े जाने की कोई सूचना नहीं है। आतंकियों की धरपकड़ के लिए फिलहाल सुरक्षाबलों ने जंगलों में तलाशी अभियान चला रखा है।

आशंका है कि आतंकी क्षेत्र में बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। बरामद की गई आईईडी से यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि यह विस्फोटक सामग्री सेना की कानवाई को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की जानी थी।

नसीब सैनी

Continue Reading

Top News

दोस्ती करने से मना करने पर हमला, लड़की के पिता और भाई घायल

—पुलिस के अनुसार घायलों कमल (24) और उसके पिता बाबूलाल का इलाज राजा हरिश्चंद अस्पताल में चल रहा है

Published

नई दिल्ली,(नसीब सैनी)।

बाहरी उत्तरी जिले के नरेला औद्योगिक थाना क्षेत्र में दोस्ती करने से मना करने पर एक युवक ने अपने दोस्तों के साथ सोमवार रात लड़की के घर पर हमला कर दिया। विरोध करने पर आरोपितों ने लड़की के भाई और पिता पर उस्तरे से हमलाकर घायल कर दिया। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। 

पुलिस के अनुसार घायलों कमल (24) और उसके पिता बाबूलाल का इलाज राजा हरिश्चंद अस्पताल में चल रहा है। कमल की बहन फूलवती ने बताया है कि उसके भाई और पिता पर भलस्वा डेयरी निवासी सन्नी और उसके दोस्तों ने हमला किया है। सन्नी घर के पड़ोस में रहता है। वह  घर आता-जाता है। वह दोस्ती करना चाहता था। मना करने पर उसने घर पर आकर हंगामा किया। विरोध करने पर पिता और भाई पर हमलाकर फरार हो गया।

नसीब सैनी

Continue Reading

Featured Post

Top News23 घंटे पूर्व

दोस्ती करने से मना करने पर हमला, लड़की के पिता और भाई घायल

---पुलिस के अनुसार घायलों कमल (24) और उसके पिता बाबूलाल का इलाज राजा हरिश्चंद अस्पताल में चल रहा है

Top News24 घंटे पूर्व

जिले में दर्ज हुआ तीन तलाक का पहला मामला

---थाना प्रभारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है

Top News2 दिन पूर्व

तलाकशुदा महिला से दुष्कर्म, मामला दर्ज

---पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की

Top News2 दिन पूर्व

फेसबुक पर मांदुर्गा को लेकर अभद्र टिप्पणी, केस दर्ज

---आरोपित पेशे से दुकानदार है

Top News4 दिन पूर्व

अंग्रेजी मीडियम कल्चर में फिट नहीं हो पा रही थी छात्रा, की खुदकुशी

---पुलिस ने बताया कि रात को उसने दोस्तों के साथ पिकनिक किया था जिसके बाद ही फांसी लगाई है

Recent Post

Trending

Copyright © 2018 Chautha Khambha News.

Web Design BangladeshBangladesh online Market