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जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लागू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अयोध्या मामले में ऐतिहासिक फैसला आने पर खुशी की लहर

—जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है और बढ़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं
—अतिसंवेदनशील इलाकों में पाबंदियां लागू की गईं हैं
—सभी धार्मिक स्थलो की सुरक्षा को भी कड़ा किया गया है

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जम्मू,(नसीब सैनी)।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऐतिहासिक फैसला दिए जाने के बाद पूरे देश की तरह जम्मू-कश्मीर में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। लोगों ने इसका जश्न मनाना भी शुरू कर दिया है जबकि सरकार ने जम्मू-कश्मीर में धारा 144 लागू की हुई है। सरकारी व गैर सरकारी शिक्षक संस्थानों में अवकाश दिया गया है और शनिवार को होने वाली सभी परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है। 

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है और बढ़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। अतिसंवेदनशील इलाकों में पाबंदियां लागू की गईं हैं। सभी धार्मिक स्थलो की सुरक्षा को भी कड़ा किया गया है।  

 अयोध्या मामले में फैसले से पहले ही केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में बीती रात से ही सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया था। फैसला आने के बाद प्रशासन ने इस सख्ती को और बढ़ा दिया है। जम्मू संभाग के अधिकतर जिले बंद हैं यानि सभी स्कूल, कालेज, उच्च शिक्षा संस्थान, दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, सार्वजनिक वाहन बंद हैं।  पुलिस और सुरक्षाबलों ने शहर के कई इलाकों में कंटीली तारें लगाकर मार्ग बंद किए हैं। तवी पुल, फ्लाई ओवर, ज्यूल चौक, विक्रम चौक आदि पर विशेष नाके स्थापित किए गए हैं। वहीं कश्मीर घाटी के अतिसंवेदनशील इलाकों में भी पाबंदियां लागू करते हुए सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाई गई है ताकि राष्ट्रविरोधी तत्व अशांति न फैला सकें। यही नहीं सीमावर्ती क्षेत्रों में भी कड़ी चौकसी बरती जा रही है ताकि पाकिस्तान अपने नापाक इरादों को अंजाम न दे सके। 

    दूसरी ओर जम्मू शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्री गुरू नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य पर नगर कीर्तन निकाला जा रहा है। जिला प्रशासन और गुरूद्वारा प्रबंधक बोर्ड के बीच पहले ही नगर कीर्तन की तिथि तय की गई थी इसलिए नगर कीर्तन निर्धारित समय पर सुबह 10 बजे शुरू हुआ।

    पुलिस ने शहर के बाहरी इलाकों में भी नाके लगाकर कड़ी चौकसी की है और जरूरी कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को ही आने-जाने की इजाजत दी जा रही है। इस दौरान सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति काफी कम रही। शहर में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति शांत बनी हुई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। 

नसीब सैनी

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अमेरिका की आपात सेवाओं की भांति है डायल 112 : आपदा प्रबंधन

—फायरब्रिगेड के लिए 101, एंबुलेंस के लिए 102 तथा आपात आपदा प्रबंधन के लिए 108 नंबर डायल करना होता है

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कानपुर,( नसीब सैनी)।

उत्तर प्रदेश पुलिस का डायल 100 अब 112 हो गया और ज्यादातर लोग अभी भी 100 नंबर डायल कर रहे हैं। इसको देखते हुए मंगलवार को जिला आपदा प्रबंधन ने डायल 112 के विषय में जागरुक किया। यह भी बताया गया कि यह देशभर में एकल इमरजेंसी नंबर है और लोगों को तत्काल सहायता मिलेगी। यह नंबर अमेरिका की आपात सेवाओं की भांति काम करेगा।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं मानव प्रशिक्षण सेवा संस्थान ने एसीआई आयल्स प्रा.लि. में डायल 112 नंबर को लेकर एक कार्यक्रम रखा गया। जिसमें आपदा प्रबंधन के मुख्य प्रशिक्षक लखन शुक्ला ने डायल 112 के प्रति लोगां को जागरुक किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कम्पनी के डायरेक्टर हर्ष अग्रवाल और रेडक्रॉस सचिव आर. के. सफ्फड़ ने किया। लखन शुक्ल ने बताया देशभर में एकल इमरजेंसी नंबर ‘112’ है जो कि एक जनवरी से पूरी तरह से शुरु हो जाएगा।

दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सभी आपात सेवाओं के लिए एकल नंबर के प्रावधान को मंजूरी दे दी है। यह अमेरिका में सभी आपात सेवाओं के एक नंबर ‘911’ की तर्ज पर है। अन्य सभी आपात नंबर धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे, खास बात है कि यह सेवा उन सिम या लैंडलाइन पर भी उपलब्ध होगी, जिनकी आउटगोइंग सुविधा रोक दी गई। परेशानी में फंसा कोई भी व्यक्ति ‘112’ नंबर पर कॉल करेगा तो उसकी कॉल तत्काल संबंधित विभाग को स्थानांतरित की जाएगी। 112 नंबर शुरु होने के बाद अन्य सभी मौजूदा आपात नंबर धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगे।

बताया कि इस नई सुविधा को लेकर जागरुकता बहुत जरुरी है और यही नहीं एसएमएस के जरिये भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। वर्तमान समय में देश में पुलिस के लिए 100 नंबर डायल करना होता है। फायरब्रिगेड के लिए 101, एंबुलेंस के लिए 102 तथा आपात आपदा प्रबंधन के लिए 108 नंबर डायल करना होता है। इस अवसर पर प्रताप सिंह, बी.पी. त्रिपाठी, योगेश श्रीवास्तव, शिवम आदि मौजूद रहें।

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महाराष्ट्र में स्थिर सरकार बनाने की कोशिश जारी: संजय राऊत

—उल्लेखनीय है कि सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से चर्चा के बाद शरद पवार ने कहा था कि शिवसेना को लेकर सरकार बनाने की कोई बात सोनिया गांधी से नहीं हुई

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मुंबई( नसीब सैनी)।

शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र में स्थिर सरकार बनाने का प्रयास जारी है। जल्द ही राज्य को राष्ट्रपति शासन से मुक्त मिलेगी। शिवसेना -राकांपा -कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनेगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, शरद पवार देश के अनुभवी नेता हैं और उन्हें समझने के लिए 100 बार जन्म लेना पड़ेगा। पवार के नेतृत्व में सरकार गठन पर काम चल रहा है। सरकार बनने के बाद विधानसभा में शिवसेना 170 विधायकों के समर्थन को साबित कर देगी। सरकार बनाने को लेकर शिवसेना में किसी तरह की जल्दबाजी अथवा संभ्रम में नहीं है।  राऊत ने कहा  कुछ लोग सरकार गठन में अड़चन पैदा कर रहे हैं। भाजपा ने अपना सबसे बड़ा साथी गंवा दिया है। अब शिवसेना किसानों के मुद्दे पर आक्रामक भूमिका अख्तियार करने वाली है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से चर्चा के बाद शरद पवार ने कहा था कि शिवसेना को लेकर सरकार बनाने की कोई बात सोनिया गांधी से नहीं हुई। वह अपने गठबंधन दल के साथियों के साथ इस बारे में चर्चा करने के बाद ही कोई निर्णय ले सकते हैं। इससे राज्य में सत्ता गठन को लेकर चर्चा शुरु हो गई थी। इस पर संजय राऊत ने कहा कि शरद पवार राज्य में एक बड़े दल के नेता हैं और उनकी पार्टी गठबंधन कर चुनाव लड़ी है। इसलिए उनका गठबंधन दल के साथियों के साथ चर्चा करना जरूरी है।

राऊत ने कहा कि गैर भाजपा दल के सभी नेता चाहते हैं कि राज्य में राष्ट्रपति शासन खत्म हो। इस बीच सूत्रों ने कहा है कि दिल्ली में शरद पवार की सोनिया गांधी से शिवसेना -राकांपा-कांग्रेस की सरकार बनाने पर वृहद चर्चा हुई। इस चर्चा में शिवसेना का पांच साल तक मुख्यमंत्री, राकांपा व कांग्रेस का उप मुख्यमंत्री बनाने पर चर्चा हुई। संख्याबल के अनुसार विभागों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय लिया गया। विधानसभा अध्यक्ष के लिए कांग्रेस और राकांपा आपस में तय करेंगे।

नसीब सैनी

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उद्धव ठाकरे का अयोध्या दौरा स्थगित

—अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उद्धव ठाकरे ने 9 नवम्बर को अयोध्या दौरे की घोषणा की थी

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अयोध्या,(नसीब सैनी)।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 24 नवम्बर को अयोध्या नहीं पहुंच रहे। उन्होंने अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। ठाकरे रामजन्म भूमि के दर्शन के लिए आ रहे थे। 

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उद्धव ठाकरे ने 9 नवम्बर को अयोध्या दौरे की  घोषणा की थी। तब से शिवसैनिक उनके स्वागत की तैयारी कर रहे थे। दौरा स्थगित होने से उनका उत्साह फीका पड़ गया है।

नसीब सैनी

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