Connect with us

हरियाणा

जुलाना में चार और माइनरों का पुनर्निर्माण होगा शुरू

Published

on

जींद, 31 जुलाई।                                                                                                                                                                                     जुलाना हलके में जर्जर हो चुकी सिंचाई व्यवस्था के सुधारीकरण को लेकर लम्बे समय से लगातार प्रयासरत हलका इनेलो विधायक परमेंद्र सिंह ढुल की मुहिम अब रंग लाने लगी है। सिंचाई विभाग हरियाणा सरकार ने विधायक द्वारा गत वर्ष मंजूर करवाई परियोजनाओं को अब एक-एक करके सिरे चढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अब विभाग ने लगभग 9 करोड़ 31 लाख रुपये से क्षेत्र की चार और माइनरों का पुनर्निर्माण करने के उद्देश्य से संबंधित ठेकेदारों को टेंडर अलॉट कर दिए हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार वर्तमान में जारी मानसून की बारिश का सीजन खत्म होते ही इन सभी माइनरों पर नवीनीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले विधायक ढुल प्रदेश सरकार पर दबाव बनाते हुए लगभग 48 करोड़ के सिंचाई व्यवस्था सुधारीकरण से जुड़ी परियोजनाएं मंजूर करवाने में सफल रहे थे। इनमें से अधिकांश पर कार्य शुरू या फिर पूरा हो चुका है।
टेंडर किए अलॉट
विधायक ढुल ने बताया कि गत वर्ष मंजूर हुए 48 करोड़ की परियोजनाओं में से सिंचाई विभाग ने अब 285 लाख रुपये की लागत से चाबरी माइनर का आरडी 0 से 24460 टेल तक, 156 लाख रुपये की लागत से निडानी माइनर का आरडी 0 से 13400 टेल तक, 364.53 लाख रुपये की लागत से लुदाना माइनर का आरडी 0 से 32950 टेल तक और 124.51 लाख रुपये की लागत से ढिगाना माइनर का आरडी 0 से 14000 टेल तक का पुनर्निर्माण कार्य शुरू किए जाने के लिए संबंधित ठेकेदारों को टेंडर अलॉट कर दिए हैं।
सिंचाई विभाग के अनुसार नाबार्ड द्वारा वित्तपोषित इन सभी परियोजनाओं पर मानसून की बारिश का सीजन खत्म होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। इन सब कार्यों के पूरा होने से निडानी, चाबरी, सिंध्वीखेड़ा, भैरोखेड़ा, निडाना, ढिगाना सहित लगभग 12 गांवों के किसानों को फायदा पहुंचेगा। इनमें से अधिकांश क्षेत्र ऐसा है जहां पिछले एक दशक से पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी नहीं पहुंच पाया है। शुरू होने के बाद इन सभी कार्यों को पूरा होने में चार से छह महीने का समय लगेगा। उनका प्रयास है की सभी परियोजनाओं का निर्माण कार्य किसानों की मांग व जरूरत के अनुरूप हो।

जुलाना के हर खेत को मिले पानी
विधायक ढुल ने कहा की उनका प्रयास है की क्षेत्र के हर खेत को हर माइनर पर पर्याप्त पानी पहुंचना चाहिए जिससे पहले से ही आहत किसान को खेती करने के लिए जरुरी उर्जा मिल सके। क्षेत्र का लगभग 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आज भी पानी के आभाव में सूखा है। हल्के से दो-दो बड़ी कैनालों के गुजरने के बाद भी पानी से वंचित रखा जा रहा था। उन्होंने कहा की सुन्दर ब्रांच व हांसी ब्रांच अपनी स्वीकृत क्षमता से कम चल रही है। हांसी ब्रांच हेड पर आधारभूत संरचना की गड़बड़ी की वजह से क्षेत्र को सुंदर ब्रांच में से 3000 क्यूसेक पानी कम मिल रहा है। उनका अगला प्रयास है की हांसी ब्रांच हेड को दोबारा दुरुस्त किया जाए ताकि क्षेत्र के हक का पानी क्षेत्रवासियों को मिल सके।
वर्तमान में क्षेत्र की लगभग प्रत्येक माइनर अपनी पूर्वनिर्धारित क्षमता से कम चल रही है। इसी के साथ ही उनका प्रयास रहेगा की नहरी मंडलों का पुनर्गठन करके जींद डिवीजन को दो भागों में बांटा जाए जिसमें जुलाना डिवीजन अलग से बने और इसमें सुंदरसब ब्रांच का एरिया लगभग 1,18,000 एकड़ ही रहे तथा जींद डिवीजन में हांसी ब्रांच का लगभग 1,14,000 एकड़ रहे। जुलाना डिवीजन का हेड ऑफिस जुलाना में ही बने जिसके लिए बिल्डिंग भी उपलब्ध है। साथ ही कर्मचारियों की कमी को भी यथाशीघ्र पूरा किया जाए। चौथा खंभा न्यूज़ .com / नसीब सैनी/अभिषेक मेहरा

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Top News

चौटाला की जल्द रिहाई की अर्जी पर नए सिरे से विचार करे दिल्ली सरकारः हाई कोर्ट

—अमित साहनी ने कहा था कि चौटाला को भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दस साल की सजा मिली है। उन्होंने कहा कि चौटाला की उम्र 83 वर्ष हो चुकी है और वे अप्रैल 2013 तक 60 फीसदी स्थायी दिव्यांगता है

Published

नई दिल्ली,(नसीब सैनी)।

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वो जेबीटी भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काट रहे हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की जल्द रिहाई की मांग करने वाली अर्जी पर नए सिरे से विचार करे। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के पहले के उस आदेश को निरस्त कर दिया जिसमें उसने चौटाला की समय पूर्व रिहाई की मांग को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने इस मामले पर पिछले 26 नवंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

चौटाला ने उम्र और ख़राब सेहत का हवाला दे कर समय से पहले रिहाई की गुहार लगाई थी।चौटाला ने केंद्र सरकार के उस नोटिफिकेशन का हवाला दिया था जिसमें 60 वर्ष के ऊपर के पुरुष कैदियों की रिहाई की बात कही गई है।

चौटाला की ओर से कहा गया था कि केंद्र सरकार के विशेष माफी संबंधी नोटिफिकेशन के तहत 60 साल के ऊपर के पुरुष कैदियों, 55 साल के ऊपर की महिला और ट्रांसजेंडर कैदियों की रिहाई की बात कही गई है जिन्होंने अपनी सजा की आधी अवधि पूरी कर ली है। इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 70 फीसदी से ज्यादा उन दिव्यांगों की भी रिहाई की जा सकती है जिन्होंने अपनी सजा की आधी अवधि पूरी कर ली है।

अमित साहनी ने कहा था कि चौटाला को भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दस साल की सजा मिली है। उन्होंने कहा कि चौटाला की उम्र 83 वर्ष हो चुकी है और वे अप्रैल 2013 तक 60 फीसदी स्थायी दिव्यांगता है। उसके बाद जून 2013 में उन्हें पेसमेकर लगाया गया जिसके बाद वे 70 फीसदी दिव्यांगता के शिकार हैं। इसलिए नोटिफिकेशन के मुताबिक वे दो वर्गों में रिहाई के हकदार हैं।

चौटाला जूनियर बेसिक ट्रेनिंग टीचर्स की भर्ती के घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद दस साल की कैद की सजा काट रहे हैं । उनके साथ ही उनके पुत्र अजय चौटाला और तीन अन्य दोषी भी दस साल कैद की सजा काट रहे हैं ।

नसीब सैनी

Continue Reading

Top News

करनाल : भ्रष्टाचार के आरोप में तहसीलदार सहित चार अधिकारी निलंबित

-मुख्यमंत्री ने करनाल तहसील का औचक निरीक्षण कर दिए आदेश

Published

चंडीगढ़,(नसीब सैनी)।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को करनाल तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के आरोप में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, रजिस्टरी क्लर्क एवं पटरवारी को निलंबित करने के आदेश दिए।

सोमवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को कार्यालय में काफी खामियां मिलीं। खासकर तहसीलदार, नायब तहसीलदार व रजिस्टरी क्लर्क द्वारा रजिस्टरी की एवज में पैसे मांगने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया। निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि 27 नवम्बर की रजिस्टरी भी आरसी की टेबल पर ही पड़ी थी, जबकि ई-रजिस्ट्रेशन के चलते उसी दिन रजिस्टरी की प्रक्रिया पूरी होती है। इसको देखकर मुख्यमंत्री ने तुरंत तहसीलदार कारण पूछा लेकिन तहसीलदार कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। बताया जा रहा है कि निगम पार्षद रामंचद्र व एक अन्य से तहसील कार्यालय में रजिस्टरी की एवज में पैसे की डिमांड की गई थी। भ्रष्टाचार व रजिस्टरी कार्य में अनियमितताएं पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने तहसीलदार रविंद्र, नायब तहसीलदार हवा सिंह, रजिस्टरी क्लर्क राजबीर व पटवारी सलमा को निलंबित करने के आदेश दिए।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार की ओर से ई-रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की गई है। शाम पांच बजे के बाद रजिस्टरी किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनभर में 90 टोकन दिए जाते हैं। 90 टोकनों की उसी दिन रजिस्टरी करना अनिवार्य है, चाहे वह पांच बजे तो या फिर नौ बजे तक। प्रति रजिस्टरी एक प्रतिशत तहसीलदार की फीस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भ्रष्टाचार की श्रेणी में है, इस पर जल्द संज्ञान लिया जाएगा।
तहसीलदार रविंद्र ने कहा कि पंजीकृत रजिस्टरी की डिलीवरी हो चुकी थी। सर्वर डाउन होने के कारण यह वह रजिस्टरी नहीं निकल पाई। उनके कार्यालय की ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। निलंबित होने के सवाल पर तहसीलदार ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलेंगे और अपना पक्ष रखेंगे।

नसीब सैनी

Continue Reading

Top News

हरियाणा ने किया निर्भया फण्ड का 32 प्रतिसत यूज

–इस सिलसिले में, देशभर में निर्भया फंड के इस्तेमाल का आंकड़ा सिर्फ 11 फीसदी है, जबकि हरियाणा ने 32 फीसदी फंड का उपयोग किया है।

Published

पंचकूला,(नसीब सैनी)।

हरियाणा पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित परियोजनाओं को लागू करने के लिए गृह मंत्रालय द्वारा आवंटित किए गए निर्भया फंड के इस्तेमाल में शीर्ष पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी जगह बनाई है। देशभर में निर्भया फंड के इस्तेमाल का आंकड़ा सिर्फ 11 फीसदी है, जबकि हरियाणा ने 32 फीसदी फंड का उपयोग किया है। मिजोरम (50 प्रतिशत), छत्तीसगढ़ (43 प्रतिशत) और नागालैंड (39 प्रतिशत) के पास हरियाणा की तुलना में बेहतर उपयोग के आंकडे हैं।

हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने शुक्रवार को पंचकूला में यह जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा पुलिस को आवंटित किए गए कुल 13 करोड़ 66 लाख रुपये में से 4 करोड़ 46 लाख रुपये की राशि का इस्तेमाल महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने संबंधी विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने के लिए किया गया है।   उन्होनें बताया कि 9 करोड़ 20 लाख रुपये की शेष राशि हरियाणा की डायल 100 योजना के एक भाग के रूप में महिलाओं के लिए ‘एमरजैंसी रिस्पोंस स्र्पोट स्कीम‘ को लागू करने के लिए निर्धारित की गई है। इस राशि का उपयोग चालू वर्ष के दौरान डायल 100 योजना के क्रियान्वयन के दौरान किया जाना प्रस्तावित है।

इस सिलसिले में, देशभर में निर्भया फंड के इस्तेमाल का आंकड़ा सिर्फ 11 फीसदी है, जबकि हरियाणा ने 32 फीसदी फंड का उपयोग किया है।

निर्भया फंड को लेकर केवल उत्तराखंड और मिजोरम (50 प्रतिशत), छत्तीसगढ़ (43 प्रतिशत) और नागालैंड (39 प्रतिशत) के पास हरियाणा की तुलना में बेहतर उपयोग के आंकडे हैं। प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा पुलिस महिला सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही सार्वजनिक स्थानों, सार्वजनिक परिवहन और कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाने के उद्देश्य से कई पहल और परियोजनाएं लेकर आएगी।

नसीब सैनी

Continue Reading

Featured Post

Top News1 वर्ष पूर्व

रॉबर्ट वाड्रा की गिरफ्तारी पर 5 फरवरी तक जारी रहेगी रोक

---हाईकोर्ट जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की कोर्ट ने अधिवक्ता भंवरसिंह मेड़तिया के निधन के बाद कोर्ट में 3.45 बजे रेफरेंस...

Top News1 वर्ष पूर्व

बिजनौर कोर्ट शूटकांड : हाईकोर्ट ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव (गृह) को किया तलब

---दरअसल, बिजनौर में 28 मई को नजीबाबाद में हुई बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या के...

Top News1 वर्ष पूर्व

निर्भया केस: दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज, फांसी की सजा बरकरार

---सुप्रीम कोर्ट ने कहा-पुनर्विचार याचिका में कोई नए तथ्य नहीं, इसलिए ख़ारिज होने योग्य

Top News1 वर्ष पूर्व

कतर टी-10 लीग पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की आईसीसी ने शुरु की जांच

--उल्लेखनीय है कि कतर टी-10 लीग का आयोजन सात से 16 दिसम्बर तक कतर क्रिकेट संघ ने किया था

Top News1 वर्ष पूर्व

बिजनौर कोर्ट रूम में हुई हत्या मामले में चौकी प्रभारी समेत 18 पुलिसकर्मी सस्पेंड

---एसपी ने बताया कि कोर्ट में दिनदहाड़े कुख्यात बदमाश शाहनवाज की हत्या के बाद जजी परिसर में सुरक्षा की पोल...

Recent Post

Trending

Copyright © 2018 Chautha Khambha News.

Web Design BangladeshBangladesh online Market