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कश्मीर घाटी में चरणबद्ध तरीके से बहाल होगी इंटरनेट सेवा

—मंगलवार को भी कश्मीर घाटी में चौतरफा शांति है। सामान्य जनजीवन तेज़ी से पटरी पर दौड़ रहा है

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श्रीनगर,(नसीब सैनी)।

कश्मीर घाटी स्थिति तेज़ी से सामान्य हो रही है। स्कूलों में 5वीं से लेकर 9वीं तक की परीक्षाएं जारी हैं। बनिहाल से श्रीनगर तक की रेल सेवा एक बार फिर बहाल होने से यहां के लोग बेहद खुश हैं। सड़कों पर वाहन तेजी से दौड़ रहे हैं। दुकानें तथा व्यापारिक प्रतिष्ठान अब पहले से अधिक समय के लिए खुल रहे हैं। इस सबके बीच जम्मू-कश्मीर में अभी भी मोबाइल इंटरनेट बंद है। कश्मीर घाटी में प्रशासन चरणबद्ध तरीके से जल्द ही इंटरनेट बहाल करने जा रहा है, जिसकी तैयारी की जा रही है।

सशर्त इंटरनेट बहाली के पहले चरण में सबसे पहले सिर्फ ब्रॉडबैंड कनेक्शन पर ही इंटरनेट सेवा मिल पाएगी। इस सेवा के लिए भी कईं शर्तें रखी गई है। इन शर्तों में सबसे महत्वपूर्ण सरकारी व निजी संस्थानों को लिखकर देना होगा कि वह वाई-फाई का इस्तेमाल नहीं करेंगे। यह सुविधा केवल एक ही टर्मिनल (आइपी एड्रेस) पर मिलेगी और संस्थानों को लिखकर देना होगा कि इंटरनेट के दुरुपयोग के लिए केवल वह जिम्मेदार होंगे। इसके साथ ही जब भी आवश्यकता होगी सुरक्षाबल कम्प्यूटर व अन्य दस्तावेजों की जांच कर सकते हैं। हालांकि जम्मू संभाग में ब्रॉडबैंड सेवा पहले से ही बहाल है। 

मंगलवार को भी कश्मीर घाटी में चौतरफा शांति है। सामान्य जनजीवन तेज़ी से पटरी पर दौड़ रहा है। निजी व सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की हाजिरी लगभग पूरी है। रेहड़ी-फड़ी वाले गली-मोहल्लों में अपना सामान लेकर निकल पड़े हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच पांचवी से लेकर नौवीं तक की परीक्षाएं जारी हैं। लोग रोजाना के कामों के लिए अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। सेब की मंडियां लगी हुई हैं और ट्रकों में सेब भरकर दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है।

कश्मीर घाटी में लैंडलाइन फोन सेवा तथा पोस्टपेड मोबाइल सेवा सुचारू रूप से जारी है जबकि पूरे जम्मू कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा एहतियात के तौर पर बंद रखी गई है, जिसे बहाल करने के प्रयास प्रशासन ने शुरू कर दिए हैं।  इस सब के बावजूद घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती बरकरार है।

नसीब सैनी

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हैदराबाद एनकाउंटर की जांच करेगा तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग

–सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज वीएस सिरपुरकर की अध्यक्षता वाले आयोग को 6 माह में देनी होगी रिपोर्ट
—सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट में की जा रही सुनवाई पर रोक लगाई

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नई दिल्ली,(नसीब सैनी)।

चीफ जस्टिस एसए बोब्डे की अध्यक्षता वाली बेंच ने हैदराबाद एनकाउंटर की न्यायिक जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज वीएस सिरपुरकर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया है। आयोग के दो अन्य सदस्यों में बांबे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज रेखा बलदोता और पूर्व सीबीआई प्रमुख डीआर कार्तिकेयन हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को छह महीने के भीतर जांच पूरी करके रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, तेलंगाना हाईकोर्ट और अन्य किसी भी अदालत में इस मामले में की जा रही सुनवाई पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी द्वारा अब तक की गई जांच रिपोर्ट भी तलब की है।

सुनवाई के दौरान तेलंगाना सरकार के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि आरोपितों ने पुलिस की पिस्टल छीन कर फायर किया, तब पुलिस को गोली चलानी पड़ी। इस पर चीफ जस्टिस ने पूछा कि कोई पुलिस वाला घायल नहीं हुआ? तब रोहतगी ने कहा कि दो पुलिस वाले घायल हुए। चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या वे गोली से घायल हुए ? तब रोहतगी ने कहा कि नहीं पत्थर से। हर आरोपित के पास पिस्टल नहीं थी। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि हमारा मत है कि आप जांच होने दीजिए, वहां सारी बातें आप रख सकते हैं। रोहतगी ने कहा कि पीयूसीएल केस में फैसला था कि दूसरे थाने की टीम जांच करेगी। एनकाउंटर टीम के अफसर से ऊंचे रैंक का अफसर जांच टीम का अध्यक्ष होगा। हमने इस आधार पर एसआईटी बनाई है। 

चीफ जस्टिस ने पूछा कि एसआईटी का हेड कौन है? रोहतगी ने कहा कि कमिश्नर रैंक के अधिकारी हैं। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि क्या आप उन पर मुकदमा चलाएंगे। अगर हां, तो हमारे आदेश देने जैसा कुछ नहीं। अगर आप उनको निर्दोष मानते हैं, मुकदमा नहीं चलाएंगे तो फिर हमें जांच से मत रोकिए। लोगों को सच जानने का हक है। तब रोहतगी ने कहा कि हम चीजें कोर्ट में रखेंगे। जज तय करेगा। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि मतलब आप अपनी तरफ से मांग नहीं करेंगे। तब रोहतगी ने कहा कि पुलिस की एफआईआर के मुताबिक पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि इसका मतलब कि पुलिस की जान को खतरा था? हमें नहीं लगता कि यह मुकदमा कभी चलेगा। कोई गवाह सामने लाया जाएगा। कोई बयान देगा। आप खुल कर क्यों नहीं कहते हैं। 

चीफ जस्टिस ने कहा कि जो लोग मारे गए हैं, उनका वकील कौन होगा? पुलिस के गवाहों से सवाल कौन करेगा? यह मुकदमा होगा या मज़ाक? तब रोहतगी ने कहा कि अगर आप किसी को नियुक्त करें तो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और हाईकोर्ट की कार्रवाई रोक दें। हम कहां-कहां जवाब दें। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और वकील मनोहर लाल शर्मा ने मारे गए आरोपितों के परिवार के लिए मुआवजे की मांग की। तब चीफ जस्टिस ने कहा कि हम जांच करवा रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं कि उन लोगों पर जो आरोप थे, उनसे हमने आंख बंद कर ली है। पिछले 11 दिसम्बर को सुनवाई के दौरान तेलंगाना सरकार ने कहा था कि कोई भी आदेश देने से पहले सुन लीजिए, हमने अब तक क्या कदम उठाए हैं। याचिका में मुठभेड़ में शामिल पुलिसवालों और कमिश्नर वीसी सज्जनार पर एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। याचिका में पुलिस की कार्रवाई को संदिग्ध और तय नियमों के खिलाफ बताया गया है। 

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की गई हैं। तीनों याचिकाएं वकीलों ने ही दायर की है। सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रदीप कुमार यादव, जीएस मणि और वकील मनोहरलाल शर्मा ने याचिका दायर की है। याचिका में पूरे मामले की जांच की मांग की गई है साथ ही दोषी पुलिसवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। वकील मनोहरलाल शर्मा ने याचिका दायर कर मांग की है कि राज्यसभा सांसद संजय सिंह, जया बच्चन और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के बयानों से एनकाउंटर की कार्रवाई को बल मिला है। मनोहरलाल शर्मा ने मांग की है कि रेप के आरोपित को जब तक दोषी नहीं ठहरा दिया जाता तब तक टीवी चैनल्स पर कोई कार्यक्रम या बहस चलाने पर रोक लगाने के लिए दिशानिर्देश जारी किया जाए। वकील जीएस मणि और प्रदीप कुमार यादव ने अपनी याचिका में कहा है कि हैदराबाद एनकाउंटर में सुप्रीम कोर्ट के 2014 के आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया। याचिका में हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी सी सज्जनार के खिलाफ जांच की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पुलिस की कार्रवाई तय नियमों के खिलाफ है। याचिका में कहा गया है कि एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

उल्लेखनीय है कि हैदराबाद के दिशा गैंगरेप एवं हत्याकांड के चारों आरोपितों की 6 दिसम्बर की सुबह पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। हैदराबाद पुलिस के मुताबिक चारों आरोपितों को सीन रिक्रिएट करने के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था, जहां से चारों ने भागने की कोशिश की। हैदराबाद पुलिस के मुताबिक उसने आत्मरक्षा में चारों आरोपितों को मार गिराया।

नसीब सैनी

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टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और टाटा समूह के शेयरों के बल पर घरेलू शेयर बाजार में तेजी

—बंबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 31 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 107.65 अंक की तेजी के साथ 40520.22 पर कारोबार कर रहा है

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नई दिल्ली,(नसीब सैनी)।

कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन सुबह 11 बजे घरेलू शेयर बाजार ऊपरी स्तरों से थोड़ा फीका हुआ है। निफ्टी को एचडीएफसी बैंक , टीसीएस और लार्सन एंड टुब्रो से सहारा मिल रहा है। टाटा समूह के शेयरों में भी चमक बनी हुई है। 

टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और टाटा ग्लोबल में दो से तीन प्रतिशत की तेजी  देखने को मिल रही है। बंबे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 31 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 107.65 अंक की तेजी के साथ 40520.22 पर कारोबार कर रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी भी 36.95 अक ऊपर चढ़कर 11947.10 पर कारोबार कर रहा है।  

सेंसेक्स सुबह 9.27 बजे पिछले सत्र से 128.86 अंकों यानी 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 40,541.43 पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी भी 39.90 अंकों यानी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,950.05 पर बना हुआ था। निफ्टी पिछले सत्र के मुकाबले 34.15 अंकों की बढ़त के साथ 11,944.30 पर खुला और 11,955.80 तक उछला। हालांकि इस दौरान निफ्टी का निचला स्तर 11,934 रहा।

नसीब सैनी

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नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ आईयूएमएल ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

—नागरिकता संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित किया जा चुका है

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नई दिल्ली,(नसीब सैनी)।

नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल की गई है। याचिका इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने दाखिल की है। 

याचिका में कहा गया है कि धर्म के आधार पर वर्गीकरण की संविधान इजाजत नहीं देता। ये बिल संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। नागरिकता संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों में पारित किया जा चुका है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पैरवी कर सकते हैं।

नसीब सैनी

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