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दर्पण के ज़रिए समझिये समाज की सच्चाई

टुकड़े टुकड़े मीडिया की सफाई करने का यानि सोशल मीडिया पर फ़ैल रही नकारात्मकता, नफरत और झूठे विमर्श को ख़त्म करने का बीड़ा उठाया है

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भारत जैसे बड़े देश में व् दुनिया भर में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा अथवा महत्वपूर्ण स्तम्भ बताया जाता है. मीडिया मतलब हर वह माध्यम है जिससे जनता तक जानकारियाँ, विचार व् नीतियाँ पहुँच सके. इस मीडिया के तंत्र में समाचार पत्र, पुस्तक, पत्रिकाएं, टेलीवीजन, रेडियो, इन्टरनेट इत्यादि हैं. टीवी समाचार चैनल करीब 90 के दशक में भारत में आना शुरू हुए, उससे करीब 150 वर्ष पूर्व ही समाचार पत्र, पत्रिकाएं प्रचलित हो चुकी थीं और 90 के दशक तक समाज का दर्पण समाचार पत्र बन चुके थे. ‘राष्ट्र की आवाज़: समाचार पत्र’- ऐसे वाक्य प्रचलित हो चुके थे और जो समाचार पत्र कहे वही जन जन की आवाज़ है; ऐसा माना जाने लगा था. देश में टीवी समाचार चैनल और भी तेज़ी से स्थापित हुए और समाचार पत्र के पत्रकार व टेलीविजन चैनल के पत्रकारों ने मिलकर मीडिया की प्रमाणिकता को लगभग समाप्त कर दिया और अपने निजी स्वार्थ के चक्कर में देश का बंटाधार करने लगे और देश तोड़ने में लग गए. ऐसे में समय बीता और 21वीं सदी में सोशल मीडिया का आगमन हुआ. इन्टरनेट के काल में अब दुनिया समाचार इन्टरनेट से ही प्राप्त करती है और जनता आज स्वयं रिपोर्टर है. ऐसे अनेक स्टार्टअप लोगों ने खुद शुरू किये और जनता तक बात पहुँचाई; हालाँकि प्रमाणिक यह माध्यम भी बहुत ज्यादा नहीं है, मगर मीडिया की प्रमाणिकता जिस कारण समाप्त हुई उसका कारण बेईमानी और पैसों का शक्ति का लोभ है, जो आम जनता में नहीं होती, इसलिए यह मनना कठिन है कि लोग अपनी ख़बर बेचेंगे, बदलेंगे या उस ख़बर की नीयत बदल देंगे, जो काम मीडिया करती है. 

मीडिया में फैले इस कुकर्म से लड़ने का काम सोशल मीडिया से शुरू हुआ, और एक एक पत्रकार, एक एक प्रभावशाली व्यक्ति की पोल खुलनी शुरू हो गयी. मगर उन्हें बचाने के लिए सोशल मीडिया पर भी उन्मादी लोग आ गए और इससे पहले कि सोशल मीडिया पर भी ऐसा कचरा फैले, कुछ स्वायत्त मीडिया पोर्टल ने इन देश तोड़ने वाली गैंग के खिलाफ सफाई का बीड़ा उठाया है. उनमे से एक नाम है- एक दर्पण.

एक दर्पण एक मीडिया पोर्टल है, जो फेसबुक, इन्स्ताग्राम, ट्विटर व् हेलो एप्प पर उपलब्ध है. इस पोर्टल ने टुकड़े टुकड़े मीडिया की सफाई करने का यानि सोशल मीडिया पर फ़ैल रही नकारात्मकता, नफरत और झूठे विमर्श को ख़त्म करने का बीड़ा उठाया है, और उसके लिए तीन मुख्य कामों पर ध्यान दिया है: त्वरित प्रतिक्रिया, फैक्ट फाइंडिंग, स्मरणीय दिवस. फेसबुक पेज के माध्यम से सही सूचना जन – जन तक पहुँचाता है. इस पेज को लाइक और फॉलो करने वालों की संख्या इन सभी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर 90,000 से अधिक है.

सोशल मीडिया के कचरे को हटाने वाला पोर्टल – एक दर्पण

95,000 से अधिक लोगों द्वारा फॉलो किया गया.

Quick Response: समाज की प्रतिक्रिया

एक दर्पण का सबसे पहला और महत्वपूर्ण काम है समाज में घटने वाली किसी भी घटना पर समाज की प्रतिक्रिया को रखना. समाज के मत को टुकड़े टुकड़े मीडिया तोड़ मरोड़ कर पेश करता है, जिससे समाज का असली भाव व् प्रतिक्रिया पता नहीं लग पाती. ऐसे में विमर्श बदल कर चलाया जाता है, जिसका नुकसान अंततः समाज को ही झेलना पड़ता है. इस समस्या से बचने के लिए ‘एक दर्पण’ त्वरित प्रतिक्रिया यानि quick response देता है यानि जो समाज का स्वर है उसी को आगे रखता है, कोई ग़लत ख़बर या विचार समाज में अगर चल रहा है, तो उस पर समाज का सही जवाब देना एक दर्पण का काम है. कोई देरी किये बिना ही टुकड़े टुकड़े गैंग के विमर्श को समाज की ओर से जवाब देना एक दर्पण की विशेषता है.

15 लाख से ज़्यादा लोगों द्वारा देखा गया, 36 हज़ार से ज्यादा लोगों ने साझा की पोस्ट.

Fact Finder: ख़बरों में फैले सचझूठ को सामने लाना

सोशल मीडिया के आने के साथ जहाँ कई अच्छी बातें आई वहीँ कई दुष्परिणाम भी सामने आये. जैसा कि ऊपर बताया भी हमने कि प्रमाणिकता की कमी तो सोशल मीडिया पर भी है, ऐसे में कोई भी झूठी ख़बर या ऐसी ख़बर चल पड़ती है जिसमें पूरी सच्चाई न हो. ऐसे में समाज भटक जाता है, जिससे अफवाह और दंगों की स्थिति पनपती है. इस परेशानी से लड़ने का भी बीड़ा ‘एक दर्पण’ ने उठाया है. फैक्ट फाइंडिंग यानि तथ्य परखने का काम भी एक दर्पण बखूबी निभा रहा है. ऐसे कई ख़बर व् वीडियों हैं जिनकी तथ्यपरकता एक दर्पण ने की है, और इस काम को आगे भी करता रहेगा.

जामिया के लाइब्रेरी विडियो के सत्य को बताता एक दर्पण

स्मरणीय दिवस: हमारे गौरवशाली दिवस

जिस इतिहास को और जिस गौरवशाली वर्तमान को आज टुकड़े टुकड़े मीडिया दिखाने से मना करता और जिससे बचता है, वह हमारी पिछली पीढ़ी को हमारा अभिवादन होगा और आने वाली पीढ़ी के लिए सीख होगी. ऐसे कई दिवस, कई महापुरुष, कई महत्वपूर्ण घटनाओं का स्मरण एक दर्पण अपने फ़ोटो, विडियो और टाइमलाइन के माध्यम से अपने दर्शकों तक पहुँचाता है.

गौरवशाली दिवस का स्मरण कराता एक दर्पण

इन सभी बातों को ध्यान में रखकर मीडिया के टुकड़े टुकड़े विमर्श को जवाब देने का काम और समाज के विचारों को स्थापित करने का काम एक दर्पण कर रहा है

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जय श्रीराम पर ममता का स्पष्टीकरण बंगालवासियों की जीत : कैलाश विजवर्गीय

जब पूरे देश में इसकी आलोचना हुई तो शनिवार को फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर ममता बनर्जी ने सफाई दी ………………

कोलकाता,(नसीब सैनी)।

जय श्रीराम के नारे को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दी गई सफाई पर भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी के महासचिव और प्रदेश इकाई के प्रभारी कैलाश विजवर्गीय ने एक ट्वीट के जरिए ममता बनर्जी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि जय श्रीराम को लेकर ममता बनर्जी की सफाई बंगालवासियों की जीत की तरह है। इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री को ग्लानि है। इसके साथ ही उन्होंने ममता पर झूठ बोलने का भी आरोप लगाया।

विजयवर्गीय ने ट्वीट किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कह रही हैं कि उन्हें ‘जय श्री राम’ से कोई आपत्ति नहीं है, तो फिर वह कौन थी जो आपत्ति कर रही थी, भूत-प्रेत या कोई आत्मा?? सच तो यह है कि बंगाल की जनता ने ममता बैनर्जी को झुकने पर मजबूर कर दिया है, यह बंगाल की जनता की जीत है।।।जय श्रीराम।।”  उल्लेखनीय है कि गत गुरुवार को अपने काफिले के सामने जय श्रीराम का नारा लगाने वाले लोगों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चमड़ी उतारने की चेतावनी दी थी। इसके साथ ही उन्होंने नारेबाजी कर रहे लोगों को गालियां भी दी थी।

जब पूरे देश में इसकी आलोचना हुई तो शनिवार को फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर ममता बनर्जी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें जय श्रीराम के नारे से कोई समस्या नहीं है। भाजपा इसका राजनीतिक इस्तेमाल करती है और इसके खिलाफ वह लड़ाई लड़ेंगी।

नसीब सैनी

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मणिपुर में हवाई सेवा की शुरुआत

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इंफाल। मणिपुर के आकाश में अब हेलीकॉप्टर उड़ते देखे जा सकेंगे। बुधवार से मणिपुर में हेलीकॉप्टर सेवा के औपचारिक रूप से शुरुआत हुई। पहली बार बुधवार को पवन हंस नामक कंपनी द्वारा हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है।

पहले दिन बुधवार को यह हेलीकॉप्टर इंफाल से जिले जिरीबाम तक उड़ाया जा रहा है, जिसमें सात यात्री सवार हुए हैं। इस हेलीकॉप्टर सेवा के शुरू होने से मणिपुर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में लोगों को आसानी होगी। दुर्गम पहाड़ियों में रास्ते नहीं होने की वजह से पूरे राज्य में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरे पूर्वोत्तर राज्य में आवागमन की सुविधा को बढ़ाने के लिए विशेष स्तर पर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में मणिपुर में बुधवार से शुरू हुई हेलीकॉप्टर सेवा को देखा जा सकता है। इस सेवा के शुरू होने को लेकर राज्य की जनता के बीच व्यापक हर्ष का माहौल है।

नसीब सैनी/ अभिषेक मैहरा
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GST revised rates: Now, pay less for eating out and ordering food

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Eating out in hotels and restaurants will become cheaper from today (15 November) with the Goods and Service Tax Council having slashed rates to five percent from 12 and 18 percent earlier. Be it eating in restaurants or ordering takeaways, the tax will be the same, ie, 5 percent. However, there is no formal notification from the government as yet.

A uniform 5 percent tax was prescribed by the council for all restaurants, both air-conditioned and non-AC. Union Finance Minister Arun Jaitley said that the Input Tax Credit (ITC) benefit given to restaurants was meant to be passed on to the customers.

Currently, 12 percent GST on food bill is levied in non-AC restaurants and 18 percent in air-conditioned ones. All these got input tax credit, a facility to set off tax paid on inputs with final tax. The council said the restaurants, however, did not pass on the input tax credit (ITC) to customers and so the ITC facility is being withdrawn and a uniform 5 percent tax is levied on all restaurants without the distinction of AC or non-AC.

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