Connect with us

क्राइम

बल्त्कारी राम रहीम पंचकूला हिंसा फैलाने वालों के लगातार संपर्क में था !

26 मई, हरियाणा ,पंचकूला,

रेप के जुर्म में जेल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम के खिलाफ हरियाणा पुलिस ने पंचकूला कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें राम रहीम पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया है. सप्लीमेंट्री चार्जशीट में राम रहीम को आरोपी नंबर 50 बनाया गया है. हरियाणा पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा की कोर कमेटी के सदस्य रहे राकेश इंसा के बयानों के आधार पर राम रहीम पर नए आरोप लगाए हैं. राकेश भी हालांकि अब जेल में है.

सप्लीमेंट्री चार्जशीट में SIT ने दावा किया है कि राम रहीम ने दो शिष्याओं से दुष्कर्म के केस में कोर्ट का फैसला आने से पहले आदित्य इंसां से पूछा था कि पंचकूला के प्लान पर काम कैसा चल रहा है? बता दें कि 25 अगस्त, 2017 को पंचकूला की अदालत ने राम रहीम को अपनी दो शिष्याओं से रेप का दोषी करार दिया था और 20 साल की सजा सुनाई.

राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद डेरा समर्थकों ने पंचकूला सहित हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों में भी जमकर हिंसा की थी, जिसमें 36 लोगों की मौत हो गई थी. गुरमीत राम रहीम के बिगड़ैल चेलों ने करोड़ों रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, जिससे पंजाब और हरियाणा सरकार को संपत्ति और राजस्व का करीब 400 करोड रुपए का घाटा हुआ था.

राम रहीम के निर्देश पर हिंसा फैला रहे थे डेरा समर्थक

सप्लीमेंट्री चार्जशीट के मुताबिक, पंचकूला प्लान के बारे में पूछे जाने पर आदित्य इंसां ने राम रहीम को बताया था कि सब प्लान के मुताबिक है. SIT का कहना है कि पंचकूला में लाखों लोगों को जुटाने की योजना सिरसा डेरे में ही तैयार हुई थी.

हिंसा भड़काने की साजिश में जुटे डेरे के लोग गुरमीत राम रहीम की रहनुमाई और निर्देशों के अनुसार ही काम कर रहे थे. 12 अगस्त 2017 को सिरसा डेरे में तय हो गया था कि फैसले वाले दिन पंचकूला में क्या करना है.

चार्जशीट के मुताबिक गुरमीत राम रहीम के खास रहे राकेश इंसां ने बयान दिया है कि 17 अगस्त 2017 को सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में 45 सदस्यों की कमेटी की एक मीटिंग हुई थी. इस मीटिंग में तय किया गया था कि पंचकूला में हिंसा फैलाने के लिए किसकी क्या भूमिका होगी.

हनीप्रीत ने बनाया था पंचकूला हिंसा का गाइड मैप

पूरी योजना गुरमीत की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत और आदित्य इंसां ने फाइनल की थी. पंचकूला भेजी गई भीड़ को ये बताया गया था कि वहां सत्संग होना है. इसी तरह पंचकूला में डेरे के नामचर्चा घर के इंचार्ज चमकौर सिंह समेत कई लोगों को रुपए जुटाने में लगाया गया और पंचकूला में लोगों के खाने और रहने का इंतजाम करना भी इनके जिम्मे था. लोगों को पंचकूला पहुंचाने के लिए अलग-अलग टीमें लगी थीं.

राम रहीम को भगाने के लिए बनाई गई थी अलग टीम

17 अगस्त 2017 की मीटिंग में यह भी तय हुआ था कि पंचकूला कोर्ट से अगर गुरमीत के खिलाफ फैसला आता है तो सरकार को कैसे हिलाना है और कैसे हिंसा फैलानी है और कैसे राम रहीम को भगाकर ले जाना है. इसके लिए भी एक अलग टीम तैयार की गई थी.

गुरमीत राम रहीम को पुलिस से छुड़ाकर भगाने के मकसद के तहत ही पुलिस की गाड़ी का पीछा भी गया किया. लेकिन राम रहीम के चेले डेरा समर्थकों का यह मंसूबा कामयाब नहीं हो सका था. मीटिंग के बारे में राकेश इंसां ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि पूरे प्लान के बारे में उसके सामने ही गुरमीत राम रहीम और आदित्य इंसां की बातचीत हुई थी.

SIT को मिला अहम गवाह

डेरा प्रमुख राम रहीम को अब तक आरोपी न बनाने वाली हरियाणा पुलिस की SIT सवालों के घेरे में थी. लेकिन जांच टीम के पास उसके खिलाफ पहले न तो कोई सबूत था और न ही गवाह. अब SIT को राकेश इंसां के रूप में गवाह मिल गया है.

राम रहीम से सुनारिया जेल में होगी पूछताछ

गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में 20 साल की सजा काट रहा है. इसलिए अब हरियाणा पुलिस की SIT जेल जाकर उससे पूछताछ करेगी. इसके लिए डीजीपी ऑफिस से इजाजत मांग ली गई है.

कोर्ट में फाइल की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट के साथ राकेश इंसां के बयानों की कॉपी लगाई गई है. इसमें राम रहीम और पंचकूला हिंसा के बीच लिंक के बारे में बताया गया है. सप्लीमेंट्री चार्जशीट में यह भी साबित करने की कोशिश की गई है कि गुरमीत राम रहीम और उसका खासमखास आदित्य इंसां 25 अगस्त 2017 के इस पूरे घटनाक्रम से ठीक पहले तक लगातार संपर्क में थे.

चौथा खंभा न्यूज़ .com / नसीब सैनी/अभिषेक मेहरा

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Top News

रॉबर्ट वाड्रा की गिरफ्तारी पर 5 फरवरी तक जारी रहेगी रोक

—हाईकोर्ट जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की कोर्ट ने अधिवक्ता भंवरसिंह मेड़तिया के निधन के बाद कोर्ट में 3.45 बजे रेफरेंस के आयोजन का हवाला देते हुए सुनवाई आगामी 5 फरवरी को नियत करने का आदेश दिया

Published

जोधपुर,(नसीब सैनी)।

रॉबर्ट वाड्रा के बीकानेर के कोलायत फायरिंग रेंज में 275 बीघा जमीन खरीद-फरोख्त और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े हाई प्रोफाइल मामले में स्काइलाइट प्राइवेट हॉस्पिटलिटी और बिचौलिये महेश नागर की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई समयाभाव के चलते टल गई। अब इस मामले में आगामी 5 फरवरी को फिर सुनवाई होगी। तब तक वाड्रा की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी।

रॉबर्ट वाड्रा व मौरीन वाड्रा से जुड़े मामले में स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटलिटी व महेश नागर की याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की कोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन समयाभाव के चलते मामले में सुनवाई टल गई। ईडी की ओर से पक्ष रखते हुए एएसजी राज दीपक रस्तोगी ने कोर्ट से आग्रह किया कि इस मामले में आज अंतिम बहस शुरू कर दी जाए।

हाईकोर्ट जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की कोर्ट ने अधिवक्ता भंवरसिंह मेड़तिया के निधन के बाद कोर्ट में 3.45 बजे रेफरेंस के आयोजन का हवाला देते हुए सुनवाई आगामी 5 फरवरी को नियत करने का आदेश दिया। एएसजी राज दीपक रस्तोगी ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में विगत 20 पेशियों से आगे तारीख दी जा रही है और वह आशा करते हैं कि आगामी 5 फरवरी को इस मामले में अंतिम बहस शुरू कर दी जाएगी। साथ ही कोर्ट के संज्ञान में लाया गया कि पूर्व में महेश नागर के मामले में रॉबर्ट वाड्रा व मौरीन वाड्रा के खिलाफ नो-कोर्सिव एक्शन का आदेश जारी हो चुका है, जिसके खिलाफ उनकी ओर से एक अर्जी पेश की गई है। उसका निस्तारण भी होना बाकी है। अब इस मामले में आगामी 5 फरवरी को फिर सुनवाई होगी। बुधवार को सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा व मौरीन वाड्रा की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी कोर्ट में मौजूद रहे। 

गौरतलब है कि यह मामला बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में 275 बीघा जमीन की खरीद फरोख्त से जुड़ा है। इस सौदे की ईडी जांच चल रही है। इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा ने अपने पार्टनर मौरीन वाड्रा को एक चेक दिया था। इस चेक द्वारा बिचौलिये महेश नागर ने अपने ड्राइवर के नाम जमीन खरीदकर इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया है, जो जांच का विषय है। इस पर पूर्व में  कोर्ट ने राबर्ट वाड्रा को जांच में सहयोग करने के लिए ईडी के सामने पेश होने एवं गिरफ्तारी पर रोक के अंतरिम आदेश दिए थे। वाड्रा की गिरफ्तारी पर रोक आगामी 5 फरवरी तक जारी रहेगी।

नसीब सैनी

Continue Reading

Top News

बिजनौर कोर्ट शूटकांड : हाईकोर्ट ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव (गृह) को किया तलब

—दरअसल, बिजनौर में 28 मई को नजीबाबाद में हुई बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या के मुख्य अभियुक्त कुख्यात बदमाश शाहनवाज और उसके साथी जब्बार को पेशी के लिए मंगलवार को दिल्ली पुलिस सीजेएम कोर्ट लायी थी

Published

प्रयागराज,(नसीब सैनी)।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को बिजनौर सीजीएम कोर्ट में हुए हत्याकांड को संज्ञान में लिया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव (गृह) को 20 दिसम्बर को तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि जब वह आयें तो सरकार की ओर से न्यायालय की सुरक्षा को लेकर क्या इंतजाम किया गया है, इसके बारे में कोर्ट को बताएं।  जस्टिस सुधीर अग्रवाल व जस्टिस सुनीत कुमार की विशेष खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए पूछा है कि इस घटना के बाद अब आने वाले दिनों में न्यायालय परिसर की सुरक्षा के लिए उनके पास क्या इंतजाम हैं। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर उनके स्तर पर न्यायालय में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था नहीं दी जा सकती तो इसके लिए केंद्र सरकार से बात की जाए।  

दरअसल, बिजनौर में 28 मई को नजीबाबाद में हुई बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या के मुख्य अभियुक्त कुख्यात बदमाश शाहनवाज और उसके साथी जब्बार को पेशी के लिए मंगलवार को दिल्ली पुलिस सीजेएम कोर्ट लायी थी। पेशी के दौरान परिसर में मौजूद मृतक हाजी अहसान की दूसरी पत्नी के पुत्र शाहिल खान ने अपने दो साथियों के संग सीजेएम कोर्ट के अंदर पिस्टलों से गोलियां बरसाकर मुख्य अभियुक्त शाहनवाज की हत्या कर दी। इसमें दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

प्रत्यक्षदिर्शियों के मुताबिक सीजेएम योगेश कुमार ने मेज के पीछे छिपकर जान बचाई। शाहनवाज का साथी जब्बार कोर्ट से फरार हो गया। इस घटना से कोर्ट परिसर में हड़कम्प मच गया था। पुलिस की सतर्कता से तीनों आरोपितों को दबोच लिया गया था। इस मामले में एसपी संजीव त्यागी ने लापरवाही बरतने वाले चौकी प्रभारी समेत 18 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। 

नसीब सैनी

Continue Reading

Top News

निर्भया केस: दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज, फांसी की सजा बरकरार

—सुप्रीम कोर्ट ने कहा-पुनर्विचार याचिका में कोई नए तथ्य नहीं, इसलिए ख़ारिज होने योग्य

Published

नई दिल्ली,(नसीब सैनी)।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के एक दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली बेंच ने अक्षय के लिए तय की गई फांसी की सजा पर मुहर लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि याचिका में वही दलीलें दी गईं हैं जो हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील में दी गईं थीं।

आज सुनवाई के दौरान अक्षय की ओर से वकील एपी सिंह ने कहा कि पीड़ित युवती का दोस्त पैसे लेकर मीडिया को इंटरव्यू दे रहा था, इसलिए उसकी गवाही विश्वसनीय नहीं है। तब जस्टिस भूषण ने कहा कि इसका इस मामले से क्या संबंध है। तब एपी सिंह ने रेयान इंटरनेशनल केस में स्कूल छात्र की हत्या का उदाहरण देते हुए कहा कि इस मामले में बेकसूर को फंसा दिया गया था। अगर सीबीआई की तफ्तीश नहीं होती तो सच सामने नहीं आता। इसलिए हमने इस केस में भी सीबीआई जैसी एजेंसी से जांच की मांग की थी। एपी सिंह ने तिहाड़ के पूर्व जेल अधिकारी सुनील गुप्ता की किताब का जिक्र किया जिसमें इस बात की संभावना व्यक्त की गई है कि राम सिंह की जेल में हत्या की गई थी। उन्होंने कहा कि यह नए तथ्य हैं, जिन पर कोर्ट को फिर से विचार करना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम लेखक की बातों पर नहीं जाना चाहते हैं। ये एक खतरनाक ट्रेंड होगा कि अगर लोगों ने ट्रायल के बाद किताबें लिखना शुरू कर दिया तो ये सही नहीं होगा। अगर कोर्ट ऐसी बातों पर ध्यान देने लगेगी तो इस बहस का कोई अंत न होगा ।

एपी सिंह ने अक्षय की ओर से  बहस करते हुए कहा कि कलयुग में लोग केवल 60 साल तक जीते हैं जबकि दूसरे युग में और ज़्यादा जीते थे। दिल्ली में वायु प्रदूषण और पानी की गुणवक्ता बेहद खराब है, ऐसे में फांसी की सजा क्यों। एपी सिंह ने कहा कि पीड़ित युवती लगातार मॉर्फिन के नशे में थी तो उसका आखिरी बयान कैसे संभव हुआ। उससे समय-समय पर 3 बयान लिए गए जिनमें विरोधाभास है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आप हमें ठोस बात बताएं कि हमारे फैसले में कमी क्या है? तब एपी सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने भी कहा था कि मौत की सजा उचित समाधान नहीं है। अपराधियों को पुनर्वास का मौका मिलना चाहिए। गरीब लोग अपने लिए सही से कानूनी उपाय नहीं कर पाते, इसलिए उन्हें मौत की सजा दी जाती है। मौत की सजा मानवाधिकारों का उल्लंघन है और ये भारत विरोधी संस्कृति का लक्षण है। इस पर जस्टिस भानुमति ने कहा कि आप ठोस व कानूनी तथ्य रखें और बताएं कि हमारे फैसले में क्या कमी थी और क्यों हमें पुनर्विचार करना चाहिए।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने सभी दलीलों और सबूतों को परखने के बाद फांसी की सजा सुनाई है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी सही माना। यह अपराध इतना गंभीर है जिसे भगवान भी माफ़ नहीं कर सकता, इसके लिए सिर्फ़ फांसी की ही सजा हो सकती है। मेहता ने कहा कि ऐसे राक्षसों को पैदा कर ईश्वर भी शर्मसार होता होगा, इनसे कोई रहम नहीं होनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय को साकेत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिस पर 14 मार्च  2014 को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मुहर लगा दी थी। हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी जिस पर सुनवाई करते हुए फांसी की सजा पर रोक लगाई थी।9 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश, पवन और विनय के रिव्यू पिटीशन को खारिज करते हुए उनकी फांसी की सजा पर मुहर लगाई थी।

नसीब सैनी

Continue Reading

Featured Post

Top News10 महीना पूर्व

रॉबर्ट वाड्रा की गिरफ्तारी पर 5 फरवरी तक जारी रहेगी रोक

---हाईकोर्ट जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की कोर्ट ने अधिवक्ता भंवरसिंह मेड़तिया के निधन के बाद कोर्ट में 3.45 बजे रेफरेंस...

Top News10 महीना पूर्व

बिजनौर कोर्ट शूटकांड : हाईकोर्ट ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव (गृह) को किया तलब

---दरअसल, बिजनौर में 28 मई को नजीबाबाद में हुई बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की हत्या के...

Top News10 महीना पूर्व

निर्भया केस: दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज, फांसी की सजा बरकरार

---सुप्रीम कोर्ट ने कहा-पुनर्विचार याचिका में कोई नए तथ्य नहीं, इसलिए ख़ारिज होने योग्य

Top News10 महीना पूर्व

कतर टी-10 लीग पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की आईसीसी ने शुरु की जांच

--उल्लेखनीय है कि कतर टी-10 लीग का आयोजन सात से 16 दिसम्बर तक कतर क्रिकेट संघ ने किया था

Top News10 महीना पूर्व

बिजनौर कोर्ट रूम में हुई हत्या मामले में चौकी प्रभारी समेत 18 पुलिसकर्मी सस्पेंड

---एसपी ने बताया कि कोर्ट में दिनदहाड़े कुख्यात बदमाश शाहनवाज की हत्या के बाद जजी परिसर में सुरक्षा की पोल...

Recent Post

Trending

Copyright © 2018 Chautha Khambha News.

Web Design BangladeshBangladesh online Market