Connect with us

Top News

मोदी सरकार पिता के साए जैसी : ‘विजय भवभारत’

भवभारत’ विदेश से लाए युवक ने कहा है कि ऐसी व्यवस्था तो उसने जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों में भी नहीं देखी है। शख्स बता रहा है कि सरकार ने करीब 70 किलोमीटर दूर सभी पैसेंजर को कोरोन्टाइन किया है

Published

on

विदेश से लाए युवक ने कहा है कि ऐसी व्यवस्था तो उसने जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों में भी नहीं देखी है। शख्स बता रहा है कि सरकार ने करीब 70 किलोमीटर दूर सभी पैसेंजर को कोरोन्टाइन किया है । बिल्डिंग को लगातार सैनेटाइज किया जा रहाहै। उन्हें 24 घंटे की देख रेख में रखा है, जहॉं बेहतरीन सुविधाएँ हैं। भवभारत’ विदेश से लाए युवक ने कहा है कि ऐसी व्यवस्था तो उसने जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों में भी नहीं देखी है। शख्स बता रहा है कि सरकार ने करीब 70 किलोमीटर दूर सभी पैसेंजर को कोरोन्टाइन किया है। बिल्डिंग को लगातार सैनेटाइज किया जा रहा है। उन्हें 24 घंटे की देख रेख में रखा है , जहॉं बेहतरीन सुविधाएँ हैं ।

विजय भव भारत का फेसबुक पेज, 24,000 से अधिक फौलोवेर्स.

जहाँ एक और पूरी दुनिया कोरोना (महामारी) से लडर ही है, हर देश इसकी रोकथाम में लगा हुआ है अपने नागरिकों के बचाव में हर कोशिश कर रहा है, वहीं भारत की कोशिशों की विश्वपटल सरहाना हो रही है। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी भले इस वैश्विक महामारी को मोदी सरकार पर हमले के मौके की तरह तलाश कर रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया में सरकार की तारीफ करते हुए कुछ लोगों ने जो आपबीती शेयर की है जो बेहद मार्मिक है। हालफिलाहल इटली से लाई गई एक युवती के पिता ने अपनी भावना साझा कि, वो सालों से सरकार की आलोचना कर रहे थे। लेकिन, अब उन्हें एहसास हो रहा है कि मोदी सरकार पिता के साए (fatherly figure) जैसी है। विदेश से लाए गए एक युवक ने कहा है कि ऐसी व्यवस्था तो उसने जर्मनी जैसे यूरोपीय मुल्कों में भी नहीं देखी है।टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार रोहन दुआ ने इटली से लौटी युवती के पिता का पत्र शेयर किया है। इस पत्र में उन्होंने इंडियन एंबेसी, भारत सरकार और विशेषत: नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। पिता के मुताबिक उनकी बेटी मास्टर की पढ़ाई करने इटली के मिलान गई थी। वहॉं हालात बिगड़ने पर उसे वापस लौटने को कहा। जब वह लौटने लगी तो उससे भारत वापस जाने का सर्टिफिकेट माँगा गया। न्होंने खुद इंडियन एंबेसी को संपर्क करने की कोशिश की। मगर मिलान में एंबेसी का कार्यालय बंद होने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। उन्होंने इंडियन एंबेसी के अन्य लोगों को मेल के जरिए संपर्क किया और रात के 10:30 बजे उनकी बेटी ने फोन पर बताया कि उसकी बात दूतावास में हो गई है और वह अगली फ्लाइट से भारत लौट रही है।

पिता के मुताबिक, वे सालों से भारतीय सरकार को कोस रहे थे। लेकिन मोदी सरकार में पिता का चेहरा है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 15 मार्च को भारत आई और आईटीबीपी अस्पताल में उसकी स्वास्थ्य संबंधी, खान-पान संबंधी सभी जरूरतों का ख्याल रखा गया। गौरतलब है कि इटली उन देशों में शामिल है जो कोरोना संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित हैं।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कोरोना वायरस के संक्रमण से निबटने के लिए सरकार ने 400 बेड का कोरोन्टाइन वार्ड तैयार करवाया है। यहाँ विदेश से लौटने वालों को सीधे दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर जाया जाएगा। यहाँ इन सभी लोगों की 14 तक की निगरानी होगी और अगर इनमें कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो इन्हें आइसोलेट कर छोड़ा जाएगा। ये कोरोन्टाइन वार्ड नोयडा के सेक्टर 39 में स्थित जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में बना है। यहाँ पर्याप्त संख्या में पैरामेडिकल स्टॉफ तैनात हैं।

Top News

डस्टबिन में भ्रष्टाचार:एजेंसी ने हेल्थ ब्रांच स्टाफ के साथ मिलीभगत कर तैयार कराए थे कम वजन के डस्टबिन, स्पेसिफिक जांच कमेटी ने पकड़ा मामला, 500 के बजाय 420 किलाे मिले

डस्टबिन में भ्रष्टाचार:एजेंसी ने हेल्थ ब्रांच स्टाफ के साथ मिलीभगत कर तैयार कराए थे कम वजन के डस्टबिन, स्पेसिफिक जांच कमेटी ने पकड़ा मामला, 500 के बजाय 420 किलाे मिले

Published

हिसार । नगर निगम के डस्टबिन टेंडर में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। टेंडर लेने वाली एजेंसी ने हेल्थ ब्रांच के स्टाफ के साथ मिलीभगत कर कम वजन के डस्टबिन तैयार करवा दिए। हालांकि मामला पकड़ में अा गया। स्पेसिफिक जांच करने के लिए गठित कमेटी ने मामले का पटापेक्ष कर दिया।

आजाद नगर स्थित दमकल केंद्र में रखे गए 3 क्यूब के डस्टबिन

दरअसल, मामला कुरूक्षेत्र की एजेंसी का है। एजेंसी ने 500 किलोग्राम के लाेहे के 30 बड़े डस्टबिन बनाने का टेंडर लिया था। इसमें स्पेसिफिकेशन रखी थी कि एक डस्टबिन का वजन 500 किलाेग्राम हाेना चाहिए। एजेंसी ने टेंडर तैयार कर नगर निगम कार्यालय के अधीन डस्टबिन भिजवा दिये। एक डस्टबिन की कीमत करीब 45 से 50 हजार रुपये के बीच रखी थी। निगम ने ये डस्टबिन आजाद नगर स्थित दमकल केंद्र में रखवा दिए।

पढ़िए… कैसे आई मिलीभगत सामने और कैसे पकड़ में आया मामला

जिस एजेंसी काे नगर निगम ने 30 बड़े डस्टिबन बनाने का वर्क ऑर्डर दिया था उस एजेंसी ने जब डस्टबिन तैयार करवाकर रखवाए ताे पेमेंट जारी करने से पहले सामान की स्पेसिफिक वेरिफिकेशन के लिए गठित कमेटी काे जांच के लिए भेजा गया। कमेटी इंचार्ज डीएमसी प्रदीप हुड्डा थे।

उन्हाेंने स्पेसिफिक के हिसाब से सामान जांच लिया मगर वजन नहीं कराया। उन्हाेंने सीएसआई व क्लर्क काे इसका वजन कराने की बात कही। मगर सीएसआई व क्लर्क ने दमकल केंद्र में ही कहा कि साहब वजन कैसे हाे पाएगा। वजन ताे पूरा ही मिलेगा। इस पर डीएमसी काे शक हाे गया।

उन्हाेंने कहा कि बिना वजन यह कैसे तय हाे पाएगा कि स्पेसिफिकेशन सही है। उन्हाेंने गाड़ी में डस्टबिन लाेड करवाकर कहा कि यह उस धर्मकांटा पर ले जाना जहां कंप्यूटराइज पर्ची निकलती हाे। यानी जाे धर्मकांटा मैनुअल पर्ची देगा उसकी मान्य नहीं हाेगी। सीएसआई और काॅन्ट्रेक्ट के क्लर्क ने शहर में आने के बाद डीएमसी काे काॅल की कि साहब सभी मैनुअल वाले ही हैं काेई कंप्यूटराइज पर्ची देने वाला धर्मकांटा नहीं है। 2 घंटे इंतजार के बाद कमिश्नर ने कहा कि आप लाेकेशन बताओ हम वहीं पहुंच रहे।

डीएमसी ने किसी अन्य कर्मचारी से पूछा कि ऐसा काेई धर्मकांटा बताओ। कर्मचारी ने कहा कि साहब निगम कार्यालय के सामने ही है। डीएमसी ने ये डस्टबिन वहीं मंगवा लिये। जब वजन किया गया ताे 420 किलाे प्रति डस्टबिन निकला। डीएमसी ने इस मामले में सीएसआई व क्लर्क काे फटकार लगाई और एजेंसी काे लिखा कि जब तक स्पेसिफिकेशन पूरी नहीं हाेती डस्टबिन नहीं रखवाए जाएंगे।

जानिए… अब एजेंसी काे लिखा बिना स्पेसिफिकेशन पूरी किए निगम नहीं करेगा सामान की पेमेंट

अब नगर निगम ने कुरुक्षेत्र की एजेंसी काे लिखा है कि जाे डस्टबिन भेजे गए थे वे स्पेसिफिकेशन के हिसाब से सही नहीं है। ऐसे में नगर निगम इसकी पेमेंट जारी नहीं करेगा। अधिकारियाें का कहना है कि अगर टेंडर के अनुरूप स्पेसिफिकेशन पूरी की जाएगी ताे ही डस्टबिन रखवाए जाएंगे वरना एजेंसी अपने डस्टबिन वापस ले जा सकती है।

3 क्यूब के बड़े डस्टबिन बनवाए गए थे। स्पेसिफिकेशन वेरिफिकेशन के लिए कमेटी ने जब इनका वजन कराया ताे इनमें 500 किलोग्राम के बजाय 420 किलाेग्राम वजन मिला। इस मामले में सीएसआई व क्लर्क की भूमिका संदिग्ध मिली थी।” -प्रदीप हुड्डा, डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर, नगर निगम।

Continue Reading

Top News

राज्य सरकार की तरफ से गांवों में किया जा रहा है शहरों की तर्ज पर विकास:सुधा

निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा ने किया वाल्मीकि जयंती पर गांव खेड़ी रामनगर में किया वाल्मीकि चौपाल व भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास, विकास कार्यो पर खर्च होगा 10 लाख का बजट

Published

कुरुक्षेत्र । नगर परिषद की निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से गांवों का शहरों की तर्ज पर विकास किया जा रहा है। इस सरकार ने गांवों में 24 घंटे बिजली, पीने का पानी हर घर तक पहुंचाने के लिए हर घर तक नल योजना को अमलीजामा पहनाने का काम किया है। वे बुधवार को गांव खेड़ी रामनगर में वाल्मीकि जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थी। इससे पहले निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा ने 5 लाख रुपए की लागत हरिजन चौपाल की चारदीवारी व 5 लाख रुपए की लागत से बनने वाली वाल्मीकि चौपाल की चारदीवारी के कार्य का शिलान्यास किया। इस दौरान निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा ने गांव के लोगों को भगवान वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दी है। निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा ने कहा कि आज समाज के लोगों को भगवान वाल्मीकि के दिखाएं मार्ग पर चलने की जरूरत है। इन महान लोगों के आर्दशों को जीवन में धारण करके अपने जीवन को सफल बनाया जा सकता है। समाज के लोगों को हमेशा एक जुट होकर रहना चाहिए। इस मौके पर गांव के मौजिज लोग मौजूद थे।

Continue Reading

Top News

अफसरों के डिजिटल सिग्नेचर कर रिलीज कराए पीएफ के 2.74 करोड़ रिटायर्ड कर्मचारियों के जीवनभर की पूंजी, आईपीएल सट्टा में हार गया क्लर्क

जनस्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड कर्मचारियों की जमा पूंजी के पौने तीन करोड़ रुपये स्थापना शाखा क्लर्क सुनील कुमार आईपीएल में सट्टा लगाकर हार गया।

Published

जनस्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड कर्मचारियों की जमा पूंजी के पौने तीन करोड़ रुपये स्थापना शाखा क्लर्क सुनील कुमार आईपीएल में सट्टा लगाकर हार गया। इसके बाद एक महीने से फरार क्लर्क को पुलिस ने सोमवार को बस स्टैंड नजदीक से दबोच लिया। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए एक महीने से फरीदाबाद किराये का मकान लेकर रह रहा था। पुलिस ने मंगलवार सुबह आरोपी को न्यायालय में पेश कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

आरोपी क्लर्क सुनील कुमार।

रिटायर्ड कर्मियों की जगह ट्रेजरी में दिए पत्नी-साले के अकाउंट नंबर……जनस्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों के डिजिटल सिग्नेचर ऑनलाइन डोंगल से होते हैं। इसी का क्लर्क सुनील कुमार ने फायदा उठाया। जो कर्मचारी पिछले वर्ष रिटायर हुए थे, उन सब के पीएफ में जमा पूंजी निकलवाने के लिए सुनील ने डोंगल से अधिकारियों के डिजिटल सिग्नेचर फार्म पर कर लिए। इसके बाद यह फाइल उसने खजाना कार्यालय में जमा करवा दी। इसके बाद यह रुपये खजाना कार्यालय से रिलीज करवा कर बैंक में डलवा लिए। जहां आरोपी क्लर्क ने रिटायर्ड कर्मचारियों के बैंक अकाउंट की जगह दूसरे बैंक अकाउंट में यह राशि डलवा कर निकाल ली।

2.42 करोड़ रुपये पत्नी और 32 लाख साले के खाते में डलवाए थे, बाद में दोनों खातों से निकाली रकम….पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि क्लर्क सुनील कुमार ने रिटायर्ड कर्मचारियों के 2 करोड़ 74 लाख रुपये अपनी पत्नी व साले के अकाउंट में डलवाए थे। पत्नी और साले का अकाउंट रेवाड़ी जिले के मीरपुर स्थित बैंक में खुलवाया हुआ था। इनमें पत्नी सोनम के खाते में 2 करोड़ 42 लाख रुपये और साले तनुज के खाते में 32 लाख रुपये डलवाए। इसके बाद सुनील ने दोनों खातों से रुपये निकाल लिए।

तत्कालीन एक्सईएन ने जांच के बाद दी थी आरोपी के खिलाफ शिकायत…..जनस्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन एक्सईएन दलबीर सिंह दलाल ने रिटायर्ड कर्मचारियों की शिकायत पर मामले की जांच करवाई थी। इसके लिए तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई गई थी। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ तो एक्सईएन ने खुद क्लर्क के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। 21 सितंबर को सिटी थाना पुलिस ने क्लर्क सुनील कुमार पर केस दर्ज कर लिया था।

शातिर ने बैंक खाते फ्रीज करवाने से पहले निकाल लिए थे सारे रुपये…. रिटायर्ड कर्मचारियों के 2 करोड़ 74 लाख रुपये क्लर्क सुनील कुमार ने अपनी पत्नी व साला के बैंक अकाउंट में डलवाई थी। ऐसे में मामले को खुलासा होते ही जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारी ने इन दोनों अकाउंट सहित क्लर्क के अकाउंट को भी फ्रीज करवा दिया था। मगर इससे पहले आरोपी क्लर्क अपने तीनों अकाउंट से रुपये निकाल चुका था।

उम्रभर की बचत लेकर हो गया था चंपत…. जनस्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी जोगेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह व नूरहसन ने बताया कि वह पिछले वर्ष अगस्त और दिसंबर में रिटायर हुए थे। अक्सर वह कार्यालय की स्थापना शाखा क्लर्क सुनील कुमार के चक्कर लगाकर पीएफ के रुपये निकलवाने का आग्रह कर रहे थे। इस दौरान वह उन्हें जल्द रुपये दिलाने की बात कहकर टरका देता था। इसके बाद उन्होंने एक्सईएन को शिकायत देकर जांच की मांग उठाई थी। इसके बाद जाकर मामले का खुलासा हुआ। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले वर्ष कई कर्मचारी रिटायर हुए थे, जिनके रुपये अभी तक नहीं मिले हैं।

आरोपी सट्‌टे में हार चुका पूंजी: आईओ…. आरोपी क्लर्क को गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यायालय में पेश कर आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पूछताछ में आरोपी क्लर्क ने बताया है कि उसने रिटायर्ड कर्मचारियों के रुपये निकाल कर आईपीएल मैचों में सट्टा लगाया था, जो वह हार गया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।” – भीम सिंह, एएसआई, सिटी थाना।

Continue Reading

Featured Post

Top News5 दिन पूर्व

हमला करके गंभीर चोट पहुँचाने व मोबाइल छीनने के चार आरोपी गिरफ्तार

कुरुक्षेत्र। जिला पुलिस कुरुक्षेत्र ने सामूहिक हमला करके गंभीर चोट पहुँचाने व मोबाइल छीनने के चार आरोपियो को गिरफ्तार किया...

Top News2 सप्ताह पूर्व

नशीली दवाईयां बेचने के आरोप में दो गिरफ्तार

Top News1 महीना पूर्व

सिपाही पेपर लीक मामले में 2 लाख रुपए का ईनामी अपराधी मुजफ्फर अहमद सीआईए-1 पुलिस द्वारा जम्मु से गिरफ्तार

सिपाही पेपर लीक मामले में कैथल पुलिस को बडी कामयाबी

Top News2 महीना पूर्व

फेसबुक फ्रॉड से बचने के लिए कैथल पुलिस ने जारी की एडवाईजरी

कैथल, 01 सितंबर । प्राय: देखने में आ रहा है कि आजकल हैकर फेसबुक अकाउंट हैक करके उनके परिचितो से...

Top News2 महीना पूर्व

कैथल पुलिस के दो ASI रैंक के पुलिस अधिकारियों ने एक बार फिर से खाकी को किया दागदार

ASI रेंक दो पुलिस कर्मियों पर हुई बड़ी कार्यवाही कैथल महिला पुलिस ASI सुदेश व ASI राजकुमार के खिलाफ FIR...

Recent Post

Trending

Copyright © 2018 Chautha Khambha News.

%d bloggers like this:
Web Design BangladeshBangladesh online Market